राजस्थान बोर्ड : आरबीएसई 10वीं-12वीं परीक्षाओं का मूल्यांकन फॉर्मूला जारी, ऐसे बनेगा रिजल्ट
कक्षा 10वीं के विद्यार्थीयों के अंक निर्धारण के लिए कक्षा 8वीं की बोर्ड परीक्षा 2019 का अंक भार 45 प्रतिशत रहेगा। कक्षा 9वीं में अंतिम प्राप्तांकों का अंकभार 25 प्रतिशत रहेगा। वहीं, कक्षा 10वीं का अंकभार 10 प्रतिशत रहेगा।
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राजस्थान शिक्षा विभाग की ओर से कक्षा 10वीं व 12वीं के परिणाम तय करने के लिए गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बुधवार को फॉर्मूला जारी कर दिया है। समिति की ओर से निर्धारित फॉर्मूले के अनुसार पिछले दो वर्षों की परीक्षाओं को आधार बनाया जाएगा।
कक्षा 10वीं के विद्यार्थीयों के अंक निर्धारण के लिए कक्षा 8वीं की बोर्ड परीक्षा 2019 का अंक भार 45 प्रतिशत रहेगा। कक्षा 9वीं में अंतिम प्राप्तांकों का अंकभार 25 प्रतिशत रहेगा। वहीं, कक्षा 10वीं का अंकभार 10 प्रतिशत रहेगा। कक्षा 10वीं के अंकभार का निर्धारण विद्यालय विषय समिति द्वारा किया जाएगा।
इस समिति में शाला प्रधान, कक्षाध्यापक तथा विषय अध्यापन करवाने वाला शिक्षक शामिल रहेंगे। यह समिति वर्तमान सत्र में किए गए विभिन्न डिजिटल नवाचारों जैसे स्माइल, स्माइल-2, आओ घर में सीखें तथा कक्षा शिक्षण में विद्यार्थियों की सतत भागीदारी तथा प्रदर्शन को देखते हुए सत्र पर्यंत किए अवलोकन के आधार पर अंक निर्धारण करेगी। वहीं, सत्रांक का अंकभार पूर्व के वर्षों के भांति 20 प्रतिशत रहेगा।
यह है कक्षा 12वीं का मूल्यांकन क्राइटेरिया
वहीं कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के अंक निर्धारण फॉर्मूले में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 2019 में प्राप्तांक का अंकभार 40 प्रतिशत रहेगा। कक्षा 11वीं में प्रदत्त अंकों का अंकभार 20 प्रतिशत रहेगा। जबकि, कक्षा 12वीं का अंकभार 20 प्रतिशत रहेगा, जिसका निर्धारण विद्यालय विषय समिति द्वारा किया जाएगा। वहीं, सत्रांक का अंकभार पहले की तरह 20 प्रतिशत ही रहेगा।
शेष प्रायोगिक परीक्षाएं बाद में होंगी
वहीं, समिति ने अपनी रिपोर्ट में कक्षा 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाओं के बारे में कहा है कि अधिकतर विद्यालयों में प्रायोगिक परीक्षाओं का आयोजन हो चुका है तथा 40 प्रतिशत विद्यालयों में परीक्षा उपरान्त अंक भी दिए जा चुके हैं। अब शेष रहे विद्यालयों में कक्षा 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाएं गृह तथा चिकित्सा विभाग द्वारा आवश्यक अनुमति मिलने पर ऑनलाइन या ऑफलाइन आयोजित की जाएगी।
स्वयंपाठी विद्यार्थियों को देनी होगी परीक्षा
इसके साथ ही प्राइवेट विद्यार्थी या ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने श्रेणी सुधार हेतु आवेदन किया है उन्हे बोर्ड द्वारा जब भी परीक्षा का आयोजन होगा तब अवसर दिया जाएगा। वहीं, समिति की ओर से तय अंक योजना में पूरक आए विद्यार्थियों को पूरक परीक्षा का आयोजन होने पर परीक्षा देनी होगी। साथ ही जो परिणाम से संतुष्ट नहीं होंगे उन्हें जब बोर्ड द्वारा परीक्षा का आयोजन किया जाएगा, तब परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने सभी पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा करके 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम का फ़ॉर्मूला तय कर लिया है, जिसका प्रेस नोट भी जारी कर दिया गया है।@rajeduofficial pic.twitter.com/DAOzzyhsi0
— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) June 23, 2021
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