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Gulnar Irani: गुलनार ईरानी खुद कभी स्कूल नहीं गई, बचपन में मदरसे से पढ़ीं और आज दूसरों को पढ़ा रहीं

Fri, 11 Feb 2022 04:00 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Fri, 11 Feb 2022 04:00 PM IST
सार

Pune Gulnar never attended school: गुलनार ईरानी, जो खुद कभी स्कूल नहीं गई, लेकिन आज दूसरों को पढ़ा रही है। आइए जानते हैं कौन है गुलनार ईरानी, कैसी है उसकी जिंदगी और क्या हैं उसके सपने?  

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Pune Gulnar never attended school after studied in Madrasa in childhood teaches at Imambara
गुलनार ईरानी, पुणे - फोटो : एएनआई

विस्तार

कहते हैं कि जिंदगी में अगर कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो कोई भी सपना पूरा करना मुश्किल नहीं है। अपनी मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति के बलबूते अपनी एक अलग पहचान बनाई जा सकती है। कुछ ऐसी ही सकारात्मकता से ओत-प्रोत कहानी है महाराष्ट्र के पुणे की निवासी गुलनार ईरानी की। जो खुद कभी स्कूल नहीं गई, लेकिन आज दूसरों को पढ़ा रही है। आइए जानते हैं कौन है गुलनार ईरानी, कैसी है उसकी जिंदगी और क्या हैं उसके सपने?  

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स्कूल नहीं जा पाने का है अफसोस

गुलनार भले ही खुद कभी स्कूल जाकर नहीं पढ़ पाई हो, लेकिन आज वह न केवल पढ़ाई के महत्व को समझती है बल्कि दूसरों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है। गुलनार ने एक साक्षात्कार में बताया कि वे कभी दूसरे सामान्य बच्चों की तरह स्कूल जाकर नहीं पढ़ सकीं। इसका उन्हें बेहद अफसोस है, लेकिन उन्होंने इससे हार नहीं मानी और आगे पढ़ने की ठानीं। 

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12वीं की परीक्षा की तैयारी कर रहीं

गुलनार ईरानी बताती हैं कि वह बचपन में थोड़ा बहुत मदरसे में जाकर पढ़ीं थी। इसके आधार पर ही आज इमामबाड़ा में दूसरों को शिक्षित करने का काम कर रही हैं। स्वयं साक्षर बनीं गुलनार, अब दूसरों को साक्षर बनाते हुए अक्षर ज्ञान दे रही है। हालांकि, अब उन्होंने 10वीं की परीक्षा पास कर प्रमाण-पत्र पा लिया है और 12वीं की परीक्षा की तैयारियों में जुटी हैं। 
 

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पढ़ाई पूरी कर, शिक्षक बनने की है इच्छा

गुलनार, अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद एक शिक्षक बनने की इच्छा रखती है। गुलनार ईरानी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को एक साक्षात्कार में कहा कि 12वीं की परीक्षा पूरी करने के बाद, मैं एक टीचिंग कोर्स करना चाहती हूं। जिससे कि में एक अच्छी शिक्षक बन सकूं...। गुलनार ने कहा, मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है।

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