सौगात : राष्ट्रपति कोविंद ने गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय की रखी नींव, 300 करोड़ से बनेगा भवन
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने चार दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान गोरखुपर क्षेत्र को बड़ी सौगात दी है। राष्ट्रपति कोविंद ने गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय की नींव का पत्थर रखकर शिलान्यास किया।
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विस्तार
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने चार दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान गोरखुपर क्षेत्र को बड़ी सौगात दी है। राष्ट्रपति कोविंद ने गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय की नींव का पत्थर रखकर शिलान्यास किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे।
यह उत्तर प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय होगा। इस विश्वविद्यालय परिसर में आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा का एक उत्कृष्ट श्रेणी का शोध संस्थान भी स्थापित होगा, जिसमें अन्तर्विभागीय चिकित्सा पद्धतियों का पारस्परिक समन्वय करते हुए शोध कार्याें को बढ़ावा दिया जाएगा। गोरखपुर स्थित इस विश्वविद्यालय का नामकरण महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय रखा गया है।
LIVE: President Kovind lays the foundation stone of the Mahayogi Guru Gorakhnath AYUSH Vishwavidyalaya https://t.co/LTFuaj44Zc
विज्ञापन विज्ञापन— President of India (@rashtrapatibhvn) August 28, 2021
खासियतें
- 52 एकड़ भूमि पर हो रही आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना
- 300 करोड़ रुपये तैयार होगा आयुष विश्वविद्यालय का भवन
- 94 आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी महाविद्यालयों को दी जाएगी विश्वविद्यालय से संबद्धता
शोध आधारित शिक्षा को दिया जाएगा बढ़ावा
गोरखपुर आयुष विश्वविद्यालय की ओर से योग, आयुर्वेद, चिकित्सा शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कृषि शिक्षा, कौशल विकास, उच्चस्तरीय शोध आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। इतना ही नहीं, आधुनिक चिकित्सा पद्धति एलोपैथी की सभी विधाओं से आरोग्यता प्राप्त करने हेतु जांच, परामर्श एवं उपचार तथा अध्ययन, अध्यापन व शोध के लिए उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थान स्थापित होंगे।
संयुक्त तौर पर होगी प्रवेश प्रक्रिया एवं परीक्षा
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, गोरखपुर से राज्य में संचालित समस्त आयुष, आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, योग व प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान और महाविद्यालयों एवं शिक्षा संस्थानों को इस विश्वविद्यालय से जोड़ा जाएगा। आयुष महाविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया, सत्र-नियमन, परीक्षा-संचालन व परिणाम में एकरूपता स्थापित होगी। इस विश्वविद्यालय में पैरामेडिकल, नर्सिंग, फॉर्मेसी एवं आरोग्यता से जुड़े सभी पाठ्यक्रमों के निर्माण एवं अध्ययन, अध्यापन, शोध की व्यवस्था रहेगी। वहीं, रोजगार के लिए तकनीकी पाठ्यक्रमों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
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