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देश-विदेश में पढ़ाने की तैयारी, SOL करने जा रहा है बड़ा बदलाव
Mon, 02 Sep 2019 08:10 AM IST
Garima Garg
जॉब डेस्क, अमर उजाला
जॉब डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Mon, 02 Sep 2019 08:10 AM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के स्नातक कोर्सेज ऑनलाइन रेगलुर मोड में देश-विदेश में पढ़ाने की तैयारी की जा रही है। एसओएल पांच कोर्सेज बीए, बीकॉम, बीकॉम-ऑनर्स, बीए-राजनीति शास्त्र ऑनर्स, बीए-अंग्रेजी ऑनर्स की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से जनवरी से शुरू करने पर विचार कर रहा है। स्नातक कोर्सेज को ऑनलाइन मोड में पढ़ाने के लिए हाल ही में प्रशासन ने यूजीसी को प्रजेंटेशन दिया है, जिसमें एसओएल ने इन्हें ग्लोबल स्तर पर चलाने की मंजूरी मांगी है। यदि यह मंजूरी मिलती है तो विदेश में बैठकर भी एसओएल के स्नातक कोर्सेज को ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकेगा।
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग निदेशक प्रो. सी.एस दुबे ने बताया कि ऑनलाइन एजुकेशन को लेकर यूजीसी के गजट 2018 के आने के बाद ही फैसला लिया गया है कि एसओएल में ऑफलाइन (पत्राचार) व ऑनलाइन दोनों माध्यम से पढ़ाई कराई जाए। यह सभी कोर्सेज च्वाइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम पर आधारित होंगे। पहले इसे चालू सत्र से शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन अब इन्हें जनवरी से शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
यूजीसी को प्रजेंटेशन दे दिया है। इसलिए योजना है कि पैन-अफ्रीकन देशों के विद्यार्थी भी इन कोर्सेज को करने का लाभ ले सकें। इसके लिए इन कोर्स को ग्लोबल स्तर पर शुरू करने की मंजूरी मांगी है। यूजीसी ने नवंबर तक इसके लिए डाटा मांगा है। शुरुआत में ऑनलाइन माध्यम से स्नातक की पढ़ाई के लिए सीटें सीमित रखी जाएंगी। पढ़ाई के साथ-साथ परीक्षा भी ऑनलाइन होगी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में एसओएल में पांच यूजी (अंडर ग्रेजुएट) और पांच पीजी कोर्स (पोस्ट ग्रेजुएट) की पढ़ाई पत्राचार माध्यम से होती है।
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कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग निदेशक प्रो. सी.एस दुबे ने बताया कि ऑनलाइन एजुकेशन को लेकर यूजीसी के गजट 2018 के आने के बाद ही फैसला लिया गया है कि एसओएल में ऑफलाइन (पत्राचार) व ऑनलाइन दोनों माध्यम से पढ़ाई कराई जाए। यह सभी कोर्सेज च्वाइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम पर आधारित होंगे। पहले इसे चालू सत्र से शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन अब इन्हें जनवरी से शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
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यूजीसी को प्रजेंटेशन दे दिया है। इसलिए योजना है कि पैन-अफ्रीकन देशों के विद्यार्थी भी इन कोर्सेज को करने का लाभ ले सकें। इसके लिए इन कोर्स को ग्लोबल स्तर पर शुरू करने की मंजूरी मांगी है। यूजीसी ने नवंबर तक इसके लिए डाटा मांगा है। शुरुआत में ऑनलाइन माध्यम से स्नातक की पढ़ाई के लिए सीटें सीमित रखी जाएंगी। पढ़ाई के साथ-साथ परीक्षा भी ऑनलाइन होगी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में एसओएल में पांच यूजी (अंडर ग्रेजुएट) और पांच पीजी कोर्स (पोस्ट ग्रेजुएट) की पढ़ाई पत्राचार माध्यम से होती है।
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