Pariksha Pe Charcha 2024: पीएम ने एग्जाम वॉरियर्स को दिया सफलता का मंत्र,दिव्यांग बच्ची के सिर पर फेरा हाथ
Pariksha Pe Charcha 2024: परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के सातवें संस्करण का समापन हो चुका है। इस कार्यक्रम में देश के कोने-कोने से अभिभावक, शिक्षक और छात्र-छात्राओं का एक बड़ा समूह जुड़ा रहा और पीएम मोदी की बातों को ध्यानपूर्वक सुना।
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विस्तार
Pariksha Pe Charcha 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के सातवें संस्करण को संबोधित किया। यह कार्यक्रम दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और अभिभावक शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आप उस स्थान पर आए हैं, जहां भारत मंडपम के प्रारंभ में दुनिया के सभी बड़े-बड़े दिग्गज नेताओं ने दो दिन बैठकर विश्व के भविष्य की चर्चा की थी। आज आप भारत के भविष्य की चिंता अपनी परीक्षाओं की चिंताओं के साथ-साथ करने वाले हैं। एक प्रकार से परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम मेरे लिए भी परीक्षा होता है। आपमें से बहुत से लोग हैं जो हो सकता है मेरी परीक्षा लेना चाहते हों।
दिव्यांग बच्ची के सिर पर फेरा हाथ
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के समापन के बाद पीएम मोदी मंच से नीचे उतरे और नीचे बैठे बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दिव्यांग बच्चों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। पीएम मोदी ने एक दिव्यांग बच्ची के सिर पर हाथ फेरकर उसके साथ बातचीत की।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi greets the students present at the Bharat Mandapam in Delhi, for 'Pariksha Pe Charcha' 2024. pic.twitter.com/idR1uLJDNX
— ANI (@ANI) January 29, 2024
विश्वास की कमी पर भी बोले पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये शिक्षक और माता-पिता के लिए सोचने का विषय है कि ऐसा क्या कारण है कि हम पारिवारिक जीवन में भी विश्वास की कमी का अनुभव कर रहे हैं। ये विश्वास की कमी अचानक नहीं होता है। एक लंबे कालखंड से गुजरकर निकलती है। इसलिए हर माता-पिता, हर शिक्षक और हर छात्र को बहुत बारीकि से अपने आचरण का विश्लेषण करना चाहिए। क्या आप जो कहते है उसका सच में पालन करते हैं?
शरीर को चार्ज करने की जरूरत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपमें से बहुत सारे छात्र मोबाइल फोन का उपयोग करते होंगे। कुछ लोग होंगे, जिन्हें घंटों तक मोबाइल फोन की आदत हो गई होगी। मोबाइल जैसी चीज जिसे रोजमर्रा देखते हैं उसे भी चार्ज करना पड़ता है। अगर मोबाइल को करना पड़ता है तो इस शरीर को करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए?
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, "...आप उस स्थान पर आए हैं, जहां भारत मंडपम के प्रारंभ में दुनिया के सभी बड़े-बड़े दिग्गज नेताओं ने दो दिन बैठकर विश्व के भविष्य की चर्चा की थी। और आज आप भारत के… https://t.co/fe1NkfuzAp pic.twitter.com/k6o9N7X7Ui
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 29, 2024
खुद से करें स्पर्धा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपके दोस्त से आपको किस चीज की स्पर्धा है? मान लीजिए 100 नंबर का पेपर है। आपका दोस्त अगर 90 नंबर ले आया तो क्या आपके लिए 10 नंबर बचे? आपके लिए भी 100 नंबर हैं। आपको उससे स्पर्धा नहीं करनी है आपको खुद से स्पर्धा करनी है। उससे द्वेष करने की जरूरत नहीं है। असल में वो आपके लिए प्रेरणा बन सकता है। अगर यही मानसिकता रही तो आप अपने से तेज तरार व्यक्ति को दोस्त ही नहीं बनाएंगे।
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आपके दोस्त से आपको किस चीज की स्पर्धा है? मान लीजिए 100 नंबर का पेपर है। आपका दोस्त अगर 90 नंबर ले आया तो क्या आपके लिए 10 नंबर बचे? आपके लिए भी 100 नंबर हैं। आपको उससे स्पर्धा नहीं करनी है आपको खुद से स्पर्धा करनी है... उससे… pic.twitter.com/n63756lns7
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 29, 2024
लिखने की आदत डालें
पीएम मोदी ने कहा कि आज के युग में टेक्नोलॉजी के कारण लिखने की आदत कम हो गई है, जबकि एग्जाम में लिखना होता है। इसलिए रोज आप खुद अपनी नोटबुक में कुछ न कुछ जरूर लिखें। लिखने की आदत डालें।
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