Fire Engineering: फायर इंजीनियरिंग में नौकरियों की कमी नहीं; छह माह से तीव वर्ष की अवधि तक के कोर्स उपलब्ध
Career In Fire Engineering: आग लगने की बढ़ती घटनाओं के कारण ही अब फायर इंजीनियरिंग से जुड़े प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग बढ़ती जा रही है। फायर इंजीनियर का मुख्य काम इमारतों को इस तरह से डिजाइन करना होता है कि आग लगने पर नुकसान कम से कम हो।
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Fire Engineering Courses and Jobs: हाल ही में, दिल्ली में एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में लगी आग की घटना में चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, बीते दिनों नोएडा में अलग-अलग जगहों पर आग लग गई थी। एक बिल्डिंग में तो करीब पचास लोग फंस गए थे। तब उन्हें फायर इंजीनियरिंग में दक्ष लोगों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला था। आग लगने की खबरों से आए दिन अखबारों के पन्ने भरे पड़े रहते हैं। इस तरह की ज्यादातर दुर्घटनाएं लापरवाही, शॉर्ट-सर्किट या फिर ऐसे स्थानों पर किसी प्रशिक्षित व्यक्ति के नहीं होने की वजहों से होती हैं।
आग लगने की बढ़ती घटनाओं के कारण ही अब फायर इंजीनियरिंग से जुड़े प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग बढ़ती जा रही है। अगर आप भी फायर इंजीनियरिंग में कॅरिअर बनाने की सोच रहे हैं, तो आपको इससे जुड़ी पात्रताओं व कोर्स की जानकारी होनी चाहिए।
जिम्मेदारियों से भरा काम
फायर इंजीनियर का मुख्य काम इमारतों को इस तरह से डिजाइन करना होता है कि आग लगने पर नुकसान कम से कम हो। आग बुझाने के लिए जरूरी उपकरण और प्रणालियां विकसित करना, पुरानी संरचनाओं का निरीक्षण करना, संभावित खतरों का आकलन करना और आग लगने के जोखिमों को कम करने के लिए रणनीतियां बनाना भी इनके ही जिम्मे होता है।
कोर्स की विविधताएं
इस क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के लिए आपके पास डिप्लोमा इन हेल्थ सेफ्टी एंड एन्वॉयरन्मेंट, डिप्लोमा इन फायर फाइटिंग, पीजी डिप्लोमा इन फायर एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग, बीएससी इन फायर इंजीनियरिंग, फायर टेक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्रियल सेफ्टी मैनेजमेंट, रेस्क्यू एंड फायर फाइटिंग जैसे कोर्स के विकल्प मौजूद हैं।
छह माह से तीन वर्ष की अवधि तक के कोर्स
इनकी अवधि छह महीने से लेकर तीन साल तक है। कोर्स के दौरान स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पर्यावरण प्रबंधन के साथ-साथ किसी भी कुदरती या मानव निर्मित आपदा से बचाव की तकनीकी जानकारी से लेकर जान-माल की रक्षा के वैज्ञानिक फॉर्मूलों की जानकारी दी जाती है।
शैक्षणिक व शारीरिक योग्यता
फायर इंजीनियरिंग में डिग्री के साथ कुछ व्यक्तिगत योग्यताओं की भी जरूरत होती है। आपके अंदर साहस और धैर्य के साथ लीडरशिप का गुण और त्वरित फैसले लेने की क्षमता का होना बेहद जरूरी है। डिप्लोमा या डिग्री में दाखिले के लिए केमिस्ट्री के साथ फिजिक्स या गणित विषय में 50 प्रतिशत अंकों के साथ बारहवीं पास होना अनिवार्य है। इसमें प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा आयोजित कराई जाती है।
प्रमुख संस्थान
- इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी, मैदान गढ़ी, नई दिल्ली: ignou.ac.in
- दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग: dife.in
- जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी: jmi.ac.in
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