मां-बाप की जिद ने बनाया जज, पढ़िए पीसीएस (जे) परीक्षा में करिश्मा दिखाने वाली इस बेटी की कहानी
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माता-पिता की जिद ने रामनगर की करिश्मा को जज बना दिया। पढ़ाई के दौरान करिश्मा फैशन डिजाइनर बनना चाहती थीं, लेकिन माता-पिता ने सपना देखा कि उनकी बेटी जज बनकर परिवार का नाम रोशन करे। बेटी ने भी माता-पिता के इस सपने को अपना सपना बनाया और कड़ी मेहनत कर मुकाम हासिल कर लिया।
रामनगर निवासी करिश्मा डंगवाल ने पीसीएस (जे) में प्रदेशभर में छठा स्थान हासिल किया है। करिश्मा के पिता राकेश सिंह रियल इस्टेट के कारोबारी हैं जबकि मां चंपा डंगवाल गृहणी हैं। करिश्मा की स्कूलिंग रामनगर के माउंट सिनाई स्कूल से हुई। करिश्मा फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती थीं।
माता-पिता का सपना पूरा करने का लिया संकल्प
हालांकि माता-पिता उन्हें जज बनता हुआ देखना चाहते थे। उन्होंने करिश्मा को समझाया तो बेटी ने माता-पिता का सपना पूरा करने का संकल्प ले लिया। उन्होंने लॉ कॉलेज देहरादून से ग्रेजुएशन किया। 2015 में लॉ पूरा करने के बाद करिश्मा ने पहली बार पीसीएस (जे) की परीक्षा दी। बिना किसी तैयारी के दी परीक्षा में करिश्मा प्री से आगे नहीं बढ़ पाईं।
इसके बाद उन्होंने हल्द्वानी से कोचिंग शुरू की और 2017 में दोबारा परीक्षा दी। अपनी मेहनत के दम पर करिश्मा ने इस बार सफलता हासिल करते हुए प्रदेशभर में छठा स्थान हासिल कर लिया। करिश्मा ने कहा कि लॉ करने के दौरान भी कई बार उन्हें लगा कि फैशन डिजाइनिंग ही करनी चाहिए थी, लेकिन माता-पिता के सपने ने उन्हें विचलित नहीं होने दिया।
मां-पिता ने हिम्मत बंधाई तो करिश्मा दोगुने जोश से तैयारी में जुट गईं। उन्होंने बताया कि उनकी दीदी की शादी हो चुकी है, जो परिवार के साथ कनाडा में रहती हैं। आजकल उनके पिता भी दीदी के पास कनाडा में हैं।
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