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Digital Manuscripts: ज्ञान भारतम से सुरक्षित होगी भारत की भाषाई धरोहर, पीएम मोदी का डिजिटल पांडुलिपियों पर जोर
Fri, 15 Aug 2025 02:18 PM IST
शाहीन परवीन
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: शाहीन परवीन
Updated Fri, 15 Aug 2025 02:18 PM IST
सार
Prime Minister Modi: स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने भाषाई विविधता और पुरानी पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए ज्ञान भारतम योजना पर जोर दिया।
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लाल किले से पीएम मोदी
- फोटो : PTI
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विस्तार
Bhasha Diversity: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि लंबे समय से उपेक्षित पुरानी पांडुलिपियों और दस्तावेजों को अब "ज्ञान भारतम" योजना के तहत डिजिटल रूप में परिवर्तित करके भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जा रहा है।
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देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए, उन्होंने देश की भाषाई विविधता की सराहना की।
"भारत की भाषाई विविधता अपार और अमूल्य है। हमने मराठी, असमिया, बंगाली, पाली और प्राकृत को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया है। हमारी भाषाएं जितनी समृद्ध होंगी, हमारी ज्ञान प्रणालियाँ उतनी ही मजबूत होंगी।"
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प्रधानमंत्री ने कहा, "इस डेटा युग में, यह एक वैश्विक शक्ति है। हमें इस पर गर्व होना चाहिए और इसके विकास के लिए प्रयास करना चाहिए। हमने पुरानी पांडुलिपियों और दस्तावेजों की उपेक्षा की है, लेकिन ज्ञान भारतम योजना के तहत, हम उन्हें डिजिटल रूप में परिवर्तित कर रहे हैं और भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित कर रहे हैं।"
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