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दिल्ली में नर्सरी एडमिशन शुरू, जानें स्कूल किस आधार पर चुन रहे हैं मानदंड
Sat, 30 Nov 2019 04:06 PM IST
Mohit Mudgal
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sat, 30 Nov 2019 04:06 PM IST
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नर्सरी एडमिशन
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी एडमिशन प्रक्रिया शुक्रवार को शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया साढ़े तीन महीने से भी ज्यादा समय तक चलने वाली है। इसमें नर्सरी, केजी और कक्षा एक में बच्चों के एडमिशन के लिए कई राउंड होंगे।
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शिक्षा का अधिकार कानून के प्रावधानों के अनुसार, दिल्ली के सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, वंचित वर्ग और विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना आवश्यक है। शिक्षा निदेशालय द्वारा इन सीटों पर ड्रा ऑफ़ लोट्स प्रक्रिया से एडमिशन किए जाते है। इसके लिए सरकार द्वारा बाद में दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।
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शुक्रवार को शुरू हुई प्रक्रिया बाकि 75 प्रतिशत अनारक्षित सीटों के लिए है। इसके लिए माता-पिता, अच्छे से अच्छे स्कूलों में एक स्थान के लिए होड कर रहें है। इन शुरूआती कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया को उद्देश्यपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए एक 'प्वाइंट सिस्टम' फॉलो किया जा रहा है। इसमें स्कूल आवेदकों के लिए मानदंडों का चयन करने के लिए स्वतंत्र हैं। इन मानदंडो के लिए आवेदकों को प्वाइंट दिए जाएंगे।
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लगभग सभी स्कूलों ने आवेदक के घर से स्कूल की दूरी का मानदंड चुना है, यह मानदंड सबस ज्याद चुना गया है। स्कूल अपने अनुसार मानदंड चुनने के लिए आजाद है, पर शिक्षा निदेशालय ने ऐसे 51 मानदंडों की सूची जारी कि है, जो स्कूल आवेदकों से नहीं पूछ सकते। इनमें माता-पिता की शिक्षा, पेशेवर क्षेत्र / विशेषज्ञता, शाकाहार, शराब या धूम्रपान करने की आदत होना शामिल है।
वसंत वैली स्कूल में, स्कूल के 10 किमी के अंदर रहने वाले आवेदकों को 30 अंक आवंटित किए जाएंगे और 10 किमी से आगे रहने वालों को 15 अंक दिए जाएंगे। वहीं स्प्रिंगडेल्स स्कूल (पूसा रोड) में, 39 अंक उन आवेदकों को आवंटित किए जाएंगे, जो पंजीकरण फॉर्म में प्रदान किए गए क्षेत्रों की सूची में रहते हैं, जबकि बाकी आवेदकों को 29 अंक आवंटित किए जाएंगे हैं। वायु सेना बाल भारती स्कूल में, 5 किमी के भीतर रहने वाले आवेदकों को 25 अंक आवंटित किए जाएंगे, 5 और 10 किमी के बीच रहने वालों को 20 अंक और 10 और 15 किमी के बीच रहने वालों को 15 अंक आवंटित किए जाएंगे।
एलयूमिनी भाई-बहन होने के मानदंड के अलावा, कुछ अतिरिक्त मानदंड भी हैं जो स्कूलों द्वारा चुने गए हैं। वायु सेना बाल भारती स्कूल में सिंगल पैरेंट वाले बच्चों को 10 अंक, सिंगल गर्ल और पूर्व या दिवंगत रक्षा कर्मियों या वायु सेना कर्मचारियों के बच्चों को 10 अंक दिए जाएंगे।
इन स्कूलों के अलावा, अधिकांश स्कूलों ने अपनी 20 प्रतिशत सीटें मैनेजमेंट कोटे के तहत आरक्षित की हुई हैं। इन सीटों पर दाखिले स्कूल प्रबंधन के विवेक पर किए जाएंगे। दिल्ली सरकार ने इस श्रेणी को समाप्त करने का प्रयास किया था, लेकिन निजी स्कूलों के एक संघ द्वारा इसे दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय ने इस चुनौती को बरकरार रखते हुए कहा था कि एक स्कूल का प्रमोटर जो अपने स्वयं के व्यक्तिगत जोखिम पर निवेश करता है, वो पूरी तरह से प्रशासन में पूर्ण स्वायत्तता के हकदार हैं, जिसमें छात्रों को दाखिल करने का अधिकार भी शामिल है।
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