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शिक्षकों की कमी से लटका छात्रों का करियर, परीक्षा का भी ख्याल नहीं

Mon, 10 Sep 2018 12:06 PM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 10 Sep 2018 12:06 PM IST
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north delhi municipal corporation Lack of teachers students suffer for education
- फोटो : BBC
उत्तर दिल्ली नगर निगम (उत्तर एमसीडी) द्वारा संचालित स्कूल इस सप्ताह पहली और दूसरी कक्षा के छात्रों के लिए परीक्षाएं आयोजित करेंगे, लेकिन पेरेंट्स ने आरोप लगाया है कि कई संस्थानों में शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के लिए मौजूद नहीं होते हैं।
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अप्रैल 2018 से शुरू होने वाले सत्र के लिए लगभग 700 अतिथि शिक्षक पैसों के आभाव के कारण स्कूलों में पढ़ाने नहीं जा पाएं। आपको बता दें कि उत्तर एमसीडी, कश्मीरी गेट से नरेला तक फैला है, जिसमें 760 स्कूलों में  2,50,000 से अधिक छात्र पढ़ते हैं, इनमें से कम से कम 400 स्कूलों में अतिथि शिक्षक पढ़ाते थे पर इस सुविधा को 10 मार्च को बंद करवा दिया गया है।
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भालूवा डेयरी क्षेत्र के एक स्कूल के बारे में कक्षा 1 छात्र के पिता शकर अली ने कहा कि "पांच महीने तक स्कूल में जाने के बाद भी, मेरा बेटा ठीक से वाक्य नहीं पढ़ सकता है और मंगलवार को उसे हिंदी परीक्षा देनी हैं।
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उत्तरी एमसीडी ने पिछले हफ्ते कक्षा पांचवी की परीक्षाएं आयोजित की थी। कक्षा पहली और दूसरी के लिए परीक्षा मंगलवार को शुरू होंगी। इस महीने के अंत में कक्षा 3 और कक्षा 4 कक्षा के लिए परीक्षा होने की उम्मीद है।

कक्षा तीसरी के छात्र की मां शीला देवी ने कहा, "हमारे बच्चों ने स्कूल छोड़ना शुरू कर दिया क्योंकि कक्षाएं लेने के लिए कोई शिक्षक पढ़ाने के लिए मौजूद नहीं थे और अब उन्हें परीक्षाएं लिखने के लिए कहा जा रहा है।"

उत्तर एमसीडी ने स्वीकार किया कि छात्रों को इस तरह की असुविधा का सामना करना पड़ा पर इस मुद्दे को हल करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उत्तर दिल्ली और पूर्वी दिल्ली निगम के प्रवक्ता योगेंद्र सिंह मान ने कहा, "हमें 31 अगस्त को स्कूलों से डेटा प्राप्त हुआ है। शिक्षकों के अनुबंध जल्द ही नवीनीकृत किए जाएंगे। हमने हाल ही में लगभग 150-200 शिक्षकों के अनुबंधों को नवीनीकृत कर दिए हैं साथ ही हमने आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों को स्थानांतरित करने जैसे वैकल्पिक व्यवस्था भी की है।

एक उत्तर एमसीडी के अधिकारी ने कहा, "मुकुंदपुर के लड़कियों के स्कूल में, 2,200 से अधिक छात्रों के लिए 15 स्थायी शिक्षक हैं। पिछले शैक्षणिक सत्र तक स्कूल में 36 अतिथि शिक्षक थे, जिनकी सेवाएं अब समाप्त कर दी गई हैं।

मुकुंदपुर स्कूल के प्रिंसिपल दीपक शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें कक्षाओं के संचालन के लिए एक एनजीओ की मदद लेनी पड़ी। "हम बीते महीनों में कक्षाओं की व्यवस्था करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। शिक्षक के लिए एक समय में 150-200 छात्रों को पढ़ाना असंभव है इसलिए हमने एनजीओ की मदद ली।


अलग-अलग, दिल्ली सरकार द्वारा संचालित 1,100 स्कूलों में 38,926 भरे पदों में से 17,000 अतिथि शिक्षक हैं। हालांकि, 2017 के आंकड़ों के मुताबिक, इन स्कूलों में अभी भी करीब 28,000 रिक्तियां हैं।
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