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Hindi News ›   Education ›   New Education Policy 2020 News in Hindi: Studies Of Arts, Humanities Also In Technical Educational Institutions

Education Policy 2020: तकनीकी शिक्षण संस्थानों में अब कला और मानविकी की भी पढ़ाई

Thu, 30 Jul 2020 10:58 AM IST
संजीव कुमार झा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 30 Jul 2020 10:58 AM IST
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New Education Policy 2020 News in Hindi: Studies Of Arts, Humanities Also In Technical Educational Institutions
Ramesh pokhariyal nishank - फोटो : social media

नई शिक्षा नीति के तहत तकनीकी संस्थानों में भी कला और मानविकी के विषयों की पढ़ाई हो सकेगी। इसके साथ ही देश के सभी कॉलेजों में संगीत, थिएटर जैसे कला के विषयों के लिए अलग विभाग स्थापित किए जाएंगे।

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नई नीति के तहत आईआईटी समेत देश के सभी तकनीकी संस्थान होलिस्टिक अप्रोच (समग्र दृष्टिकोण) अपनाएंगे। इसके तहत इंजीनियरिंग के साथ-साथ तकनीकी संस्थानों में कला और मानविकी के विषयों पर जोर दिया जाएगा।
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कौशल आधारित विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों का काम अकादमिक और रिसर्च पर फोकस रहेगा। परीक्षा से लेकर दाखिले तक का काम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी करेगी। जिन कोर्स में छात्रों की संख्या कम है या पुराने हो चुके हैं, उनकी जगह पर नए कोर्स शुरू होंगे।

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सिर्फ ज्ञान नहीं कौशल और रोजगार भी

लिबरल एजुकेशन में देश की 64 कलाओं को बढ़ावा मिलेगा। विभिन्न विषयों में दक्षता और क्षमता के आधार पर डिग्री की पढ़ाई होगी। इसका मतलब ज्ञान के साथ कौशल विकसित करना है, जिससे रोजगार के मौके मिलें। स्नातक तक कोर्स 3-4 वर्ष का होगा और कभी भी प्रवेश और पढ़ाई छोड़ने का विकल्प सर्टिफिकेट के साथ मिलेगा।

धार्मिक-सामाजिक संस्थानों को भी जोड़ेंगे

शिक्षा सुधार योजनाओं में हिंदू मठ, आश्रम, गुरुद्वारा, ईसाई मिशनरी संस्थान, इस्लामिक ट्रस्ट, बौद्ध और जैन समुदाय को शामिल करने का प्रस्ताव है। इसका मकसद विभिन्न वर्गों को जोड़ना और वैचारिक मतभेद दूर करना है। स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्त्रस्म में बिजनेस व इंडस्ट्री के सुझाव पर बदलाव होगा, ताकि रोजगार पर फोकस किया जा सके। इसके अलावा पूर्व छात्र और स्थानीय समुदाय से सुरक्षा, सफाई पर मदद ली जाएगी।

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