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NEP: सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी कला उत्सव में मिलेगा मंच, उद्घाटन समारोह में बोले धर्मेंद्र प्रधान

Wed, 10 Jan 2024 07:32 AM IST
यशोधन शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: यशोधन शर्मा Updated Wed, 10 Jan 2024 07:32 AM IST
सार

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 बच्चों की प्रतिभा और कौशल को निखारने, उनके सर्वांगीण विकास और उन्हें विकसित करने के लिए खेल आधारित शिक्षा, खेल, कला, शिल्प समेत अन्य रचनात्मक प्रयासों को मुख्यधारा में लाएगी।

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NEP government school Students get platform in art festival Dharmendra Pradhan said in inauguration ceremony
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान। - फोटो : Social Media

विस्तार

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कहा है कि राष्ट्रीय कला उत्सव में सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी मौका मिलेगा। केंद्रीय मंत्री दिल्ली स्थित बाल भवन में राष्ट्रीय कला उत्सव- 2023 के उद्घाटन मौके पर छात्रों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कला उत्सव स्कूली छात्रों की रचनात्मक और कलात्मक प्रतिभा को निखारते हुए भारत की सांस्कृतिक विविधता को जोड़ता है। इसलिए सभी राज्यों के सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी इससे जुड़ने का मौका मिलना जरूरी है।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 बच्चों की प्रतिभा और कौशल को निखारने, उनके सर्वांगीण विकास और उन्हें विकसित करने के लिए खेल आधारित शिक्षा, खेल, कला, शिल्प समेत अन्य रचनात्मक प्रयासों को मुख्यधारा में लाएगी। इनके माध्यम  बच्चों को 21वीं सदी के तहत तैयार किया जाएगा। एनईपी 2020 छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ राष्ट्र और समाज के लिए भी जिम्मेदार बनाएगी।
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एनईपी 2020 के तहत छात्रों को खेल, कला संस्कृति और हैकथॉन आदि के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। इसलिए मैं शिक्षा मंत्रालय से आग्रह करता हूं कि वे कला उत्सव से देश के सभी स्कूलों को जोड़ें। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि वे अमृतकाल और आने वाले 25 वर्षों में विकसित भारत के विकास में अपना योगदान दें। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने  प्रतिभागियों को पंच प्राण प्रतिज्ञा भी दिलाई।
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कला को प्राथमिक शिक्षा में शामिल करने से अनुशासन में मदद  
वहीं, केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 के माध्यम से बच्चों की असीमित क्षमता को महसूस किया है। इसी कारण वे लगातार बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ-साथ खेलों में शामिल होने का भी आग्रह कर रहे हैं। एनईपी से स्कूली जीवन से ही बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ समग्र विकास का मौका मिल रहा है। कला उत्सव में पारंपरिक कला रूपों, खिलौनों और खेलों को शामिल करने से उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। वहीं, कला के बारे में प्राथमिक शिक्षा के दौरान ही उन्हें पढ़ाया जाए तो उनमें अनुशासन की भावना बढ़ाई जा सकती है।

दस कलाओं में दिखाएंगे प्रतिभा
दिल्ली स्थित राष्ट्रीय बाल भवन में राष्ट्रीय कला उत्सव 2023 का आयोजन 9 से 12 जनवरी तक किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय कला प्रतियोगिता का समापन 12 जनवरी को होगा। इसमें विजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाएगा। इसमें शामिल होने के लिए देशभर से 680 चयनित छात्र दिल्ली पहुंचे हैं। राष्ट्रीय कला उत्सव 2023 में यह छात्र 10 कलाओं में अपना प्रदर्शन करेंगे।


इसमें  स्वर संगीत ( शास्त्रीय), स्वर संगीत ( पारंपरिक लोक), वाद्य संगीत (तालवाद्य), वाद्य संगीत(मधुर), नृत्य(शास्त्रीय), नृत्य ( लोक),  दृश्य कला (द्वि-आयामी),  दृश्य कला (3-आयामी), स्वदेशी खिलौने और खेल,  नाटक (एकल अभिनय) शैलियां शामिल हैं।

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