{"_id":"6842aaa2ebec94830703b15f","slug":"neet-ug-2025-path-cleared-for-result-declaration-as-madras-high-court-dismisses-re-exam-petitions-2025-06-06","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"NEET UG 2025: नीट यूजी रिजल्ट का रास्ता साफ! मद्रास हाईकोर्ट ने हटाई रोक, दोबारा परीक्षा की याचिकाएं खारिज","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
NEET UG 2025: नीट यूजी रिजल्ट का रास्ता साफ! मद्रास हाईकोर्ट ने हटाई रोक, दोबारा परीक्षा की याचिकाएं खारिज
Fri, 06 Jun 2025 02:15 PM IST
शिवम गर्ग
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवम गर्ग
Updated Fri, 06 Jun 2025 02:15 PM IST
सार
NEET UG 2025 Result: मद्रास हाईकोर्ट ने नीट यूजी 2025 रिजल्ट जारी करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने पावर कट के कारण दोबारा परीक्षा की मांग करने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
मद्रास हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
NEET UG 2025 Result: मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार, 6 जून को एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) पर लगी रोक हटा दी है और नीट यूजी 2025 के रिजल्ट घोषित करने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट ने पावर कट के कारण दोबारा परीक्षा की मांग करने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया।
यह फैसला न्यायमूर्ति सी कुमारप्पन ने 16 छात्रों द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए सुनाया। इन छात्रों ने मांग की थी कि 5 मई को परीक्षा के दौरान चेन्नई के चार केंद्रों पर बिजली गुल होने की वजह से उन्हें असुविधा हुई, इसलिए उनके लिए दोबारा परीक्षा कराई जाए और तब तक रिजल्ट रोका जाए।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति कुमारप्पन ने कहा, “परीक्षा दोपहर 2 बजे से 5 बजे के बीच हुई थी, जब प्राकृतिक रोशनी पर्याप्त थी। बिजली कटौती बारिश और तूफान की वजह से अचानक हुई थी। ऐसे में यह मानना कि परीक्षार्थी प्रदर्शन नहीं कर पाए, कोई मजबूत आधार नहीं है।”
विज्ञापन
यह फैसला न्यायमूर्ति सी कुमारप्पन ने 16 छात्रों द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए सुनाया। इन छात्रों ने मांग की थी कि 5 मई को परीक्षा के दौरान चेन्नई के चार केंद्रों पर बिजली गुल होने की वजह से उन्हें असुविधा हुई, इसलिए उनके लिए दोबारा परीक्षा कराई जाए और तब तक रिजल्ट रोका जाए।
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा- “22 लाख छात्रों की परीक्षा को प्रभावित नहीं किया जा सकता”
जज ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामूली आधार पर दोबारा परीक्षा की अनुमति देना देशभर के लगभग 22 लाख अभ्यर्थियों के लिए अनुचित होगा। उन्होंने कहा कि पावर कट जैसी समस्या पर एनटीए ने फील्ड वेरिफिकेशन और वैज्ञानिक मूल्यांकन के बाद यह तय किया कि दोबारा परीक्षा की जरूरत नहीं है, और यह निर्णय पूर्णत: न्यायसंगत है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति कुमारप्पन ने कहा, “परीक्षा दोपहर 2 बजे से 5 बजे के बीच हुई थी, जब प्राकृतिक रोशनी पर्याप्त थी। बिजली कटौती बारिश और तूफान की वजह से अचानक हुई थी। ऐसे में यह मानना कि परीक्षार्थी प्रदर्शन नहीं कर पाए, कोई मजबूत आधार नहीं है।”
कमेंट
कमेंट X