NCERT: एनसीईआरटी ने किया पाठ्यक्रम समिति का पुनर्गठन, सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद लिया बदलाव का फैसला
NCERT Curriculum Panel: एनसीईआरटी ने कक्षा 8 की किताब में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' विवाद के बाद पाठ्यक्रम समिति का पुनर्गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर तीन सदस्यों को हटाया गया और अब नई 20 सदस्यीय समिति पाठ्यक्रम व किताबें तैयार करेगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
NCERT Curriculum Panel: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' विषय पर विवाद के बाद अपनी पाठ्यक्रम समिति का पुनर्गठन किया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद लिया गया है।
20 सदस्यों की नई समिति का गठन
एनसीईआरटी की राष्ट्रीय पाठ्यक्रम एवं शिक्षण-सामग्री समिति (NSTC) अब 20 सदस्यों की कर दी गई है, जबकि पहले इसमें 22 सदस्य थे। नई समिति में कई प्रमुख शिक्षाविद शामिल हैं, जैसे:
- वी कामकोटि (आईआईटी मद्रास के निदेशक)
- रघुवेंद्र तंवर (भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष)
- आर वेंकट राव (नेशनल लॉ स्कूल के पूर्व कुलपति)
- अमरेंद्र प्रसाद बेहरा
तीन सदस्यों को हटाया गया
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद समिति से तीन सदस्यों को हटा दिया गया है:
- मिशेल डैनिनो
- एम डी श्रीनिवास
- बिबेक देबरॉय
इनमें से बिबेक देबरॉय का हाल ही में निधन भी हो चुका है।
क्या है समिति की भूमिका?
यह समिति कक्षा 3 से 12 तक के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम और पढ़ाई से जुड़ी सामग्री तैयार करती है। साथ ही जरूरत पड़ने पर कक्षा 1 और 2 की किताबों में भी बदलाव कर सकती है, ताकि कक्षा 2 से 3 में पढ़ाई का संक्रमण आसान हो सके।
क्या है पूरा मामला?
फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' विषय को लेकर स्वतः संज्ञान लिया था। इसके बाद कोर्ट ने इस किताब के प्रिंट और ऑनलाइन दोनों संस्करणों पर पूरी तरह रोक (ब्लैंकेट बैन) लगा दी थी।
क्यों किया गया बदलाव?
एनसीईआरटी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, समिति का पुनर्गठन इसे और मजबूत बनाने और जरूरी बदलाव करने के लिए किया गया है।
कमेंट
कमेंट X