एमपी बोर्ड 2021 : जल्द आएगा 10वीं का परिणाम, एमपीबीएसई ने स्कूलों को जारी किए ये अहम निर्देश
स्कूल किसी छात्र की ओएमआर शीट को आंतरिक मूल्यांकन या प्रैक्टिकल के आधार पर अंक देकर भर सकते हैं। लिंक 24 मई को सक्रिय कर दिया गया है।
विस्तार
मध्यप्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (एमपीबीएसई) जिसे एमपी बोर्ड के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने से संबद्ध स्कूलों को 10 जून तक आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर उम्मीदवारों को दिए गए अंक जमा करने के लिए कहा है। मध्यप्रदेश बोर्ड ने पहले कक्षा 10 की परीक्षाओं को रद्द करने और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक गणना करने का फैसला किया था। सीबीएसई द्वारा अपनी 10वीं की परीक्षा रद्द करने और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर परिणाम तैयारी करने की घोषणा के बाद राज्य बोर्ड द्वारा यह निर्णय किया गया था।
माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा 14 मई 2021 को मण्डल की हाईस्कूल परीक्षा का आयोजन नहीं किए जाने संबंधी तथा आंतरिक एवं प्रायोगिक परीक्षा की ओएमआर शीट्स भरने संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हालांकि, एमपीबीएसई 12वीं की परीक्षाएं अभी भी स्थगित हैं। यदि सीबीएसई द्वारा किसी निर्णय की घोषणा की जाती है, तो यह एमपीबीएसई के लिए 12वीं की परीक्षाओं को भी प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल, एमपीबीएसई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर ओएमआर शीट स्वीकार करने की सुविधा शुरू कर दी है। स्कूल किसी छात्र की ओएमआर शीट को आंतरिक मूल्यांकन या प्रैक्टिकल के आधार पर अंक देकर भर सकते हैं। लिंक 24 मई को सक्रिय कर दिया गया है। स्कूल ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड में अंक जमा करने का विकल्प चुन सकते हैं। ऑनलाइन रिजल्ट जमा करने वाले स्कूलों को ओएमआर शीट जमा करने की जरूरत नहीं है। स्कूलों द्वारा आंतरिक अंक भेजने की अंतिम तिथि 10 जून, 2021 है। बोर्ड मूल्यांकन के आधार पर परिणाम तैयार करेगा।
माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा 14 मई 2021 को मण्डल की हाईस्कूल परीक्षा का आयोजन नहीं किये जाने संबंधी तथा आंतरिक एवं प्रायोगिक परीक्षा की ओ.एम.आर. शीट्स भरने संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी। pic.twitter.com/KXco5EqKqa
— School Education Department, MP (@schooledump) May 23, 2021
परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद mpbse.nic.in पर उपलब्ध होगा। इससे पहले माशिम ने कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए लिखित परीक्षा रद्द करने का फैसला किया था। बोर्ड के अनुसार, लिखित परीक्षा के बजाय, छात्रों को प्री-बोर्ड (50 प्रतिशत वेटेज), यूनिट टेस्ट (30 प्रतिशत वेटेज) और आंतरिक मूल्यांकन (20 प्रतिशत वेटेज) में उनके प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाएंगे। नियमों के अनुसार परिणाम की गणना करते समय स्कूलों के पिछले प्रदर्शन पर भी विचार किया जाएगा।
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