फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   MBBS doctor will have to adopt the surrounding village and will take oath in the name of Maharishi Charak

नई व्यवस्था लागू : एमबीबीएस करने वालों को गोद लेना होगा आसपास का गांव, महर्षि चरक के नाम पर लेंगे शपथ

Fri, 01 Apr 2022 06:43 AM IST
Jeet Kumar परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 01 Apr 2022 06:43 AM IST
विज्ञापन
MBBS doctor will have to adopt the surrounding village and will take oath in the name of Maharishi Charak
सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला

एमबीबीएस पाठ्यक्रम में डॉक्टर हिपोक्रेटिक ओथ की जगह अब महर्षि चरक के नाम पर शपथ लेंगे। लंबी प्रक्रिया के बाद आखिरकार देश में नई चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था लागू हो गई। इसके साथ ही प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्रों के बैच को अब नजदीक में ही स्थित किसी एक गांव को गोद लेना होगा। वहां स्वास्थ्य सेवाओं पर काम करना होगा।

विज्ञापन


राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने बृहस्पतिवार को नई चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था आदेश जारी कर दिया। सभी मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय को इसका तत्काल पालन करने का निर्देश दिया गया है। इस साल बीते 14 फरवरी से लागू शैक्षणिक सत्र के लिए भी आदेश लागू होंगे। चरक शपथ के पीछे तर्क है कि इससे मेडिकल के छात्रों का भारतीय संस्कृति से जुड़ाव हो सकेगा।12 महीने में पूरा होगा एमबीबीएस का प्रथम वर्ष

विज्ञापन
  • अभी देश में एमबीबीएस प्रथम वर्ष पूरा होने में करीब 14 माह का वक्त लगता है, लेकिन इस साल से यह 12 महीने यानी एक वर्ष में पूरा होगा। इसकी पूरी जानकारी मेडिकल कॉलेजों और यूनिवर्सिटी को आदेश के साथ भेज दी गई है।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • आयोग ने एमबीबीएस के लिए नई योग्यता आधारित चिकित्सा शिक्षा (सीबीएमई 2021) व्यवस्था लागू कर दी है। इसे 2019 में भी लागू किया था। हालांकि, आयोग का दावा है कि नई सीबीएमई लागू होने से अब पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो सकेगा।


पूरी कोर्स अवधि में सिर्फ दो पूरक परीक्षाओं का मौका

  • एमबीबीएस छात्रों को पूरी कोर्स अवधि में सिर्फ दो बार ही पूरक परीक्षा देने का मौका मिलेगा। परीक्षा परिणाम जारी होने के चार से छह सप्ताह के बीच यह पूरक परीक्षा आयोजित होगी।
  • 10 दिन के अंदर पूरक परीक्षा का परिणाम जारी करना होगा। विश्वविद्यालय परीक्षा में फेल होने पर पूरक परीक्षा नहीं होगी।
  • प्रथम वर्ष के जो छात्र पूरक परीक्षा पास करेंगे उन्हें द्वितीय वर्ष में विशेष क्लास और वार्ड में अलग से ड्यूटी देते हुए कोर्स कवर अप करना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed