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CBSE: पहचान से लेकर फीस तक बदलेंगे कई नियम, छात्रों को मिलेगा डिजिटल अनुभव; 2026 बोर्ड परीक्षा से होंगे लागू
Sun, 10 Aug 2025 11:52 AM IST
शिवम गर्ग
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवम गर्ग
Updated Sun, 10 Aug 2025 11:52 AM IST
सार
सीबीएसई 2026 से बोर्ड परीक्षाओं में कई अहम बदलाव करने जा रहा है। अब छात्रों के लिए APAAR ID अनिवार्य होगी, परीक्षा शुल्क में बदलाव किए गए हैं और एक नया AI आधारित डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर भी बनाया जाएगा, जिससे छात्रों को तकनीक आधारित सीखने का अवसर मिलेगा।
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CBSE Boards
- फोटो : CBSE
विस्तार
CBSE Board Exams 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 की बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े कुछ नए बदलाव किए हैं। अब छात्रों को अपनी APAAR ID (अकादमिक पहचान संख्या) को स्कूल रिकॉर्ड से जोड़ना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, परीक्षा और रजिस्ट्रेशन फीस में भी थोड़ी बढ़ोतरी की गई है। साथ ही, बोर्ड ने छात्रों के लिए एक AI तकनीक वाला डिजिटल अनुभव केंद्र बनाने की योजना भी बनाई है, जहां वे नए और रोचक तरीकों से पढ़ाई कर सकेंगे।
"सीबीएसई द्वारा पंजीकरण और परीक्षा शुल्क के रूप में एकत्रित राजस्व का उपयोग परीक्षा संचालन और बोर्ड द्वारा किए जाने वाले अन्य सभी खर्चों के लिए किया जाता है। आय का एकमात्र स्रोत यह शुल्क है जिसे 2020 से संशोधित नहीं किया गया है, जबकि बोर्ड का खर्च विभिन्न कारणों से कई गुना बढ़ गया है। माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी करने से होने वाली प्राप्तियां भी काफी कम हो गई हैं क्योंकि यह अब 2024-25 से अनिवार्य नहीं है।"
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क्या है APAAR ID और क्यों हुई अनिवार्य?
APAAR ID हर छात्र का एक स्थायी और यूनिक डिजिटल अकाउंट होगा, जिससे उसकी पूरी शैक्षणिक जानकारी एक जगह संग्रहित रहेगी। CBSE चेयरमैन ने बताया कि इससे डेटा की सटीकता बढ़ेगी और डुप्लीकेशन की समस्या खत्म होगी।अब स्कूलों को कक्षा 9 से 12 तक के सभी छात्रों की APAAR ID बनवानी होगी ताकि परीक्षा से पहले इनका रिकॉर्ड पक्का हो सके।
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"सीबीएसई द्वारा पंजीकरण और परीक्षा शुल्क के रूप में एकत्रित राजस्व का उपयोग परीक्षा संचालन और बोर्ड द्वारा किए जाने वाले अन्य सभी खर्चों के लिए किया जाता है। आय का एकमात्र स्रोत यह शुल्क है जिसे 2020 से संशोधित नहीं किया गया है, जबकि बोर्ड का खर्च विभिन्न कारणों से कई गुना बढ़ गया है। माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी करने से होने वाली प्राप्तियां भी काफी कम हो गई हैं क्योंकि यह अब 2024-25 से अनिवार्य नहीं है।"
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सीबीएसई परीक्षा शुल्क में कितनी बढ़ोतरी?
सीबीएसई ने 2025-26 सत्र से कक्षा 9 से 12 तक के लिए परीक्षा और रजिस्ट्रेशन शुल्क में लगभग 6.66% की बढ़ोतरी की है। बोर्ड के अनुसार, खर्चों में वृद्धि और आय के सीमित स्रोतों के कारण यह संशोधन जरूरी था।| श्रेणी | भारत | नेपाल | अन्य देश |
|---|---|---|---|
| एक विषय (कक्षा 10/12) | ₹320 | ₹1100 | ₹2200 |
| पाँच विषय | ₹1600 | ₹5500 | ₹11000 |
| प्रैक्टिकल (केवल कक्षा 12) | ₹160 | ₹175 | ₹375 |
| रजिस्ट्रेशन शुल्क (कक्षा 9/11) | ₹320 | ₹550/₹660 | ₹550/₹660 |
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