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विश्वविद्यालय में अंतिम वर्ष की परीक्षा नहीं कराएगी महाराष्ट्र सरकार
Tue, 14 Jul 2020 07:32 AM IST
संजीव कुमार झा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 14 Jul 2020 07:32 AM IST
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महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे
- फोटो : पीटीआई
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महाराष्ट्र सरकार विश्वविद्यालयों के अंतिम वर्ष के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं नहीं लेने के फैसले पर कायम है। सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में यह निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से जारी दिशानिर्देश पर चर्चा हुई। इसके बाद परीक्षाएं नहीं लेने के प्राधिकरण के फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया गया।
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उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने कहा कि राज्य में कोरोना की परिस्थिति और गंभीर हुई है। वहीं, राज्य के कॉलेजों को कोविड अस्पताल और क्वारंटीन सेंटर में तब्दील किया गया है। इसलिए राज्य में परीक्षाएं कराना संभव नहीं है। मुझे उम्मीद है कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी भी कोरोना की स्थिति को देखते हुए सकारात्मक विचार करेंगे। सामंत ने कहा कि बीते दिनों बंगलूरू में कक्षा 10 वीं के लिए 50 विद्यार्थियों की परीक्षाएं हुई थी।
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इसमें से आधे से अधिक विद्यार्थी कोरोना संक्रमित हो गए। यदि 50 विद्यार्थियों में कोरोना का संक्रमण इतनी तेजी से फैला तो राज्य भर के विद्यार्थियों की परीक्षाएं लेने पर क्या होगा। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। कुछ कुलपतियों ने भी कहा है कि सभी विद्यार्थियों को डिग्री दे दी जाए।
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इसके बाद कोरोना नियंत्रण के बाद जो छात्र परीक्षाएं देना चाहते हैं तो उनकी परीक्षाएं ली जाएं। सामंत ने कहा कि मैं फिर से यूजीसी और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने का आग्रह कर रहा हूं।
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