महाराष्ट्र बोर्ड : कक्षा 10वीं की वार्षिक बोर्ड परीक्षा रद्द, रिजल्ट जून के अंत तक आएगा
महाराष्ट्र की स्कूल शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि कक्षा 10वीं के लिए बोर्ड परीक्षा परिणाम कक्षा 9वीं और 10वीं (आंतरिक अंक) में आयोजित परीक्षाओं पर आधारित होगा। हम जून, 2021 के अंत तक कक्षा 10वीं का परिणाम घोषित करने का प्रयास करेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के कारण महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार, 28 मई को वर्ष 2021 के लिए कक्षा 10वीं की वार्षिक बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार के शिक्षा विभाग ने कोरोना महामारी के शिकार हुए लोगों के बच्चों को आर्थिक सहायता देने का एलान भी किया है। कोविड-19 के कारण जान गंवाने वालों के बच्चों को उच्च माध्यमिक स्तर तक की पढ़ाई के दौरान महाराष्ट्र शिक्षा विभाग की ओर वित्तीय सहायता दी जाएगी।
राज्य में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर निर्णय की जानकारी देते हुए महाराष्ट्र की स्कूल शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि कक्षा 10वीं के लिए बोर्ड परीक्षा परिणाम कक्षा 9वीं और 10वीं (आंतरिक अंक) में आयोजित परीक्षाओं पर आधारित होगा। हम जून, 2021 के अंत तक कक्षा 10वीं का परिणाम घोषित करने का प्रयास करेंगे। जो लोग अपने परिणामों से संतुष्ट नहीं हैं वे बाद में सीईटी परीक्षा के लिए लिख सकते हैं।
Board exam results for Class 10th will be based on exams conducted in Class 9th & 10th (internal marks). We will try to declare the results by the end of June. Those who aren't satisfied with their results can write CET exams later: Maharashtra Education Minister Varsha Gaikwad pic.twitter.com/vn3wxLSlju
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 28, 2021
महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री गायकवाड़ ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र शिक्षा विभाग ने पहली से 12वीं कक्षा के उन छात्रों को वित्तीय मदद की घोषणा की है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण माता-पिता को खो दिया है।
गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने गुरुवार को घोषणा की कि केरल सरकार की ओर से कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण जान गंवाने वालों के बच्चों को ₹3,00,000 तत्काल राहत के रूप में दिया जाएगा और ₹2,000 की मासिक राशि उन बच्चों के 18वें जन्मदिन तक जारी की जाएगी। साथ ही ऐसे बच्चों का स्नातक तक की पढ़ाई का खर्चा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
बता दें कि सिर्फ केरल ही नहीं, कई अन्य राज्य सरकारों ने भी वित्तीय सहायता के साथ-साथ उन बच्चों के लिए शैक्षिक सहायता की घोषणा की है, जिनके माता-पिता की मृत्यु कोविड-19 महामारी के कारण हुई है। केरल से पहले, उत्तर प्रदेश सरकार, दिल्ली सरकार, मध्यप्रदेश सरकार समेत कई राज्य सरकारों ने इस संबंध में घोषणाएं की हैं।
कमेंट
कमेंट X