{"_id":"6676e1c690a82ccf040618c3","slug":"let-our-child-not-suffer-for-mbbs-career-in-the-era-of-nta-scam-safalta-2024-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनटीए नीट प्रकरण से MBBS कॅरिअर के लिए बच्चे को निराश न होने दें","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
एनटीए नीट प्रकरण से MBBS कॅरिअर के लिए बच्चे को निराश न होने दें
Thu, 04 Jul 2024 06:40 PM IST
Pushpendra Mishra
Media Solution Initiative
Media Solution Initiative
Published by: Pushpendra Mishra
Updated Thu, 04 Jul 2024 06:40 PM IST
सार
हम देंगे भारत और विदेश में एमबीबीएस दाखिले पर आपके सभी सवालों के जवाब, दिए गए टोल फ्री नंबर 18005710202 पर अभी कॉल करें
विज्ञापन
स्टडी एब्रॉड
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अगर आपने भी नीट यूजी 2024 परीक्षा दी थी और एनटीए के स्कैम उजागर होने के बाद आप असमंजस में है। मौजूदा समय में जो सवाल छात्रों और अभिभावकों के मन में आ रहा है वो है कि क्या नीट परीक्षा फिर से होगी ? या जो नीट स्कोर छात्र को मिला है उस पर भारत में मेडिकल सीट उसे मिल पाएगी ? आखिर लाखों छात्रों के डॉक्टर बनने के सपने का क्या होगा।
अब विभिन्न छात्रों के लिए अलग-2 परिस्थितियां बन गई हैं।
विज्ञापन
इस एप ने अब तक हजारों छात्रों को च्वाइस फिलिंग, एमसीसी काउंसिलिंग प्रक्रिया में मदद की है।
विदेश से एमबीबीएस करने के बाद जिस तरह भारत में प्रैक्टिस के लिए एग्जिट एग्जाम महत्वपूर्ण है उसी तरह विदेशी यूनिवर्सिटी में दाखिला कराना भी महत्वपूर्ण है। एक एडमिशन एजेंट जो आपको विदेश की किसी यूनिवर्सिटी में दाखिला दिलाने का वादा कर रहा है उसे आपको एग्जिट एग्जाम की तैयारी भी करानी चाहिए। अगर कोई बिना एनईएक्सटी एग्जाम की तैयारी के आपको एमबीबीएस में एडमिशन दिला रहा है तो वह आपके लिए आधा काम हुआ। लिहाजा ऐसे एजेंटों से दूर रहें और एमबीबीएस में दाखिले व एग्जिट एग्जाम प्रिपरेशन के लिए सफलता मोक्ष का कॅरिअर प्लानर एप ही चुनें जो आपको दिलाएगा मेडिकल कॅरिअर की हर समस्या का समाधान।
2-एनएमसी के नियम पढ़ें
3-54 महीने के कैरेबियन और 48 महीने के फिलीपींस जैसे प्रोग्राम्स से बचें
4-अगर आप स्पेशलिस्ट डॉक्टर(एमडी लेवल) बनना चाहते हैं तो जॉर्जिया की टॉप रैंक यूनिवर्सिटी TSMU अथवा यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया के
इंटीग्रेटेड अमेरिकी प्रोग्राम ही चुनें।
5-अगर आप रूस से एमबीबीएस करना चाहते हैं तो ऐसा शहर चुनें जो राजधानी मॉस्को के करीब हो, जैसे कि ओरेल मेडिकल यूनिवर्सिटी।
6-कोशिश करके ऐसी यूनिवर्सिटी चुनें जो आपको भारत के लाइसेंसिंग एग्जाम NExt की तैयारी कराती हो। जैसे - कजाकिस्तान की Kokshetau स्टेट यूनिवर्सिटी।
7-सफलता मोक्ष जैसे अनुभवी कॅरिअर प्लानर को चुनें, जो एमबीबीएस एडमिशन के साथ एग्जिट एग्जाम NExt, USMLE इत्यादि की तैयारी कराते हों।
अधिक जानकारी के लिए एमबीबीएस कॅरिअर प्लानिंग हॉटलाइन : 18005710202 पर कॉल करें, और अपने मेडिकल कॅरिअर के सपने को साकार करने के लिए एक बेहतर फैसला लें। अगर आप मोक्ष काउंसलर्स मिलना चाहते हैं तो इस लिंक MBBS Abroad पर रजिस्टर करें।
विज्ञापन
अब विभिन्न छात्रों के लिए अलग-2 परिस्थितियां बन गई हैं।
1- नीट के सफल छात्र
13 लाख से अधिक छात्रों ने नीट 2024 परीक्षा पास की है। उन्हें जब से सुनने में आया है कि परीक्षा दोबारा हो सकती है तबसे बहुत खुश हैं कि उन्हें एक और मौका मिलेगा अपनी रैंक बेहतर करने का और विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज जैसे रूस, जॉर्जिया, कजाकिस्तान आदि से एमबीबीएस करने का। आप फ्री मोक्ष एकेडमी नीट यूजी 2024 बैच को चुन सकते हैं। ये आपको विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज में आपको आवेदन के लिए मदद करेगा। पहले 500 छात्रों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर इस बैच में फ्री दाखिला दिया जाएगा।
विज्ञापन
2024 नीट में सफल पर 2023 की कटऑफ से रैंक ऊपर
ऐसे छात्र जो 2023 की हर राज्य की कटऑफ देख चुके हैं उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। आज जिस सामान्य कैटेगरी के छात्र की 2 लाख रैंक आयी है वो भी नीट परीक्षा दोबारा होने पर सरकार के फैसले पर रुका हुआ है। क्योंकि 8 राज्यों के 4.75 लाख सफल छात्र 12810 सरकारी मेडिकल सीट्स की काउंसिलिंग में भाग लेंगे। जिसमें उनके सफल होने का अनुपात 2.7% हो सकता है। ऐसे युवा परेशान नहीं है वो एमबीबीएस सीट न मिलने पर भारत या विदेश में दाखिले पर सोचेंगे। साथ ही जिनके पास बजट बड़ा है वह एनआरआई सीट्स और मैनेजमेंट सीट्स के रेट से भी वाकिफ हैं।
विज्ञापन
2024 नीट क्वालीफाई पर 2023 कटऑफ से रैंक नीचे
कुल नीट के सफल छात्रों में ऐसे छात्रों का प्रतिशत 5% के आसपास है जो वास्तव में परेशान हैं। जिन्होंने अंतिम समय तक जीतोड़ मेहनत की है, साथ ही इसमें कई छात्र ऐसे भी हैं जो एक से अधिक बार नीट परीक्षा दिए हैं। फिर से रैंक लो आने पर वह परेशान होंगे। ऐसे युवा प्लेस्टोर से मोक्ष करियर प्लानर एप डाउनलोड कर सकते हैं। इसमें आपको पिछले 3 सालों के कट ऑफ, प्राइवेट कॉलेजों, डीम्ड यूनिवर्सिटी की ट्यूशन फीस आदि की जानकारी मिल जाएगी।इस एप ने अब तक हजारों छात्रों को च्वाइस फिलिंग, एमसीसी काउंसिलिंग प्रक्रिया में मदद की है।
एमबीबीएस एब्रॉड का विकल्प
अगर आप ऐसी रैंक पर हैं जिसमें भारत में सीट मिलना संभव नहीं है तो आप रुस, जॉर्जिया, कजाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों की टॉप यूनिवर्सिटीज में दाखिले का प्लान बना सकते हैं।2023 में 15 हजार छात्रों ने इन देशों की टॉप यूनिवर्सिटीज के मेडिकल कोर्सेज में दाखिला लिया है। हर वर्ष 25 हजार से अधिक छात्र एमबीबीएस एब्रॉड का विकल्प चुनते हैं। विदेश की ज्यादातर यूनिवर्सिटी ऐसी हैं जो एडवांस ट्यूशन फीस नहीं मांगती। यानी सितम्बर तक आपको फीस नहीं भरनी है। तो विदेश से एमबीबीएस के लिए परामर्श करने में कोई वित्तीय जोखिम भी नहीं है। ऐसे में पूरी एमबीबीएस काउंसिलिंग प्रक्रिया के खत्म होने से पहले विदेशी यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की एक सीट रिजर्व करना समझदारी भरा फैसला हो सकता है।एनटीए ग्रेस मार्क्स प्रकरण
एनटीए के ग्रेस मार्क्स प्रकरण के बाद से बहुत से छात्र जिन्हें विदेश से एमबीबीएस करना था असमंजस में हैं और अपने विदेश से एमबीबीएस के फैसले पर निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे छात्रों को ये समझना चाहिए कि विदेश में विदेश जाने के प्रोसेस, डॉक्यूमेंटेशन, वीजा आदि में 2 से 3 माह का समय लगता है। तो भारत में सीट की संभावना नहीं होने पर विदेश में टॉप मेडिकल यूनिवर्सिटी में एक सीट रिजर्व करा लेना आपका स्मार्ट निर्णय हो सकता है।एनएमसी ने बदले नियम
2024 से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग(एनएमसी) ने एफएमजीई को नीट पीजी से हटा दिया है। साथ ही नेशनल एग्जिट टेस्ट(एनईएक्सटी) को भारत में प्रैक्टिस करने के लिए अनिवार्य बना दिया है।एमबीबीएस एब्रॉड को चुनें और अपने वर्ष को बचाएं
ऐसे छात्र जिनकी रैंक कम आयी है और वह देश में सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट हासिल नहीं कर पाए हैं उन्हें एमबीबीएस एब्रॉड विकल्प चुनना चाहिए। क्योंकि अधिकतक ग्लोबल यूनिवर्सिटीज एडवांस ट्यूशन फीस नहीं मांगती, सितम्बर तक आपको वीजा मिल जाता है तभी आपको ट्यूशन फीस भी अदा करनी है। ऐसे में अगले वर्ष फिर से नीट एग्जाम में बैठा जाए से बेहतर है कि आप प्लान बी पर काम करें और एमबीबीएस एब्रॉड को चुनें।
एडमिशन एजेंट की जगह कॅरिअर प्लान चुनें
विदेश से एमबीबीएस करने के बाद जिस तरह भारत में प्रैक्टिस के लिए एग्जिट एग्जाम महत्वपूर्ण है उसी तरह विदेशी यूनिवर्सिटी में दाखिला कराना भी महत्वपूर्ण है। एक एडमिशन एजेंट जो आपको विदेश की किसी यूनिवर्सिटी में दाखिला दिलाने का वादा कर रहा है उसे आपको एग्जिट एग्जाम की तैयारी भी करानी चाहिए। अगर कोई बिना एनईएक्सटी एग्जाम की तैयारी के आपको एमबीबीएस में एडमिशन दिला रहा है तो वह आपके लिए आधा काम हुआ। लिहाजा ऐसे एजेंटों से दूर रहें और एमबीबीएस में दाखिले व एग्जिट एग्जाम प्रिपरेशन के लिए सफलता मोक्ष का कॅरिअर प्लानर एप ही चुनें जो आपको दिलाएगा मेडिकल कॅरिअर की हर समस्या का समाधान।
विदेश से MBBS की प्लानिंग के 7 सुझाव
1-ट्यूशन फीस सिर्फ यूनिवर्सिटी को पे करें एजेंट को नहीं2-एनएमसी के नियम पढ़ें
3-54 महीने के कैरेबियन और 48 महीने के फिलीपींस जैसे प्रोग्राम्स से बचें
4-अगर आप स्पेशलिस्ट डॉक्टर(एमडी लेवल) बनना चाहते हैं तो जॉर्जिया की टॉप रैंक यूनिवर्सिटी TSMU अथवा यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया के
इंटीग्रेटेड अमेरिकी प्रोग्राम ही चुनें।
5-अगर आप रूस से एमबीबीएस करना चाहते हैं तो ऐसा शहर चुनें जो राजधानी मॉस्को के करीब हो, जैसे कि ओरेल मेडिकल यूनिवर्सिटी।
6-कोशिश करके ऐसी यूनिवर्सिटी चुनें जो आपको भारत के लाइसेंसिंग एग्जाम NExt की तैयारी कराती हो। जैसे - कजाकिस्तान की Kokshetau स्टेट यूनिवर्सिटी।
7-सफलता मोक्ष जैसे अनुभवी कॅरिअर प्लानर को चुनें, जो एमबीबीएस एडमिशन के साथ एग्जिट एग्जाम NExt, USMLE इत्यादि की तैयारी कराते हों।
अधिक जानकारी के लिए एमबीबीएस कॅरिअर प्लानिंग हॉटलाइन : 18005710202 पर कॉल करें, और अपने मेडिकल कॅरिअर के सपने को साकार करने के लिए एक बेहतर फैसला लें। अगर आप मोक्ष काउंसलर्स मिलना चाहते हैं तो इस लिंक MBBS Abroad पर रजिस्टर करें।
कमेंट
कमेंट X