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भारतीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में कोर्स की जांच करेंगे कुवैती अधिकारी, खतरे में है इनकी नौकरी

Wed, 27 Jun 2018 05:12 PM IST
सीमा शर्मा,अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा,अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 27 Jun 2018 05:12 PM IST
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kuwait officers investigate indian engineering college course in delhi
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आईआईटी व एनआईटी समेत एआईसीटीई के कॉलेजों में एनबीए (नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन) के बगैर पढ़ाए कोर्स की डिग्री भी मान्य होती है। पाठ्यक्रम में जो पढ़ाई होती है वह पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा करती हैं। केंद्र सरकार के इसी आग्रह पर कुवैत सोसायटी ऑफ इंजीनियर्स का दल मंगलवार को भारत पहुंचा है। दल की रिपोर्ट के आधार पर कुवैत सरकार वहां हजारों भारतीय इंजीनियर की नौकरी पर फैसला करेगी। साथ ही एनबीए एक्रीडिटेशन कोर्स के बगैर उनकी डिग्री मान्य है या नहीं।

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सूत्रों के मुताबिक, कुवैत सरकार के नये नियम (इंजीनियरिंग डिग्री में कोर्स एनबीए एक्रीडिटेशन से मान्य होना चाहिए) की वजह से लाखों भारतीय इंजीनियर की नौकरी खतरे में पड़ गई है। जिसके बाद कुवैत में बसे भारतीयों ने भारत सरकार से मदद मांगी थी।
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भारत के हस्तक्षेप के बाद वहां की सरकार ने कुवैत सोसाइटी ऑफ इंजीनियर्स का दल भारत भेजा है। ताकि, यहां के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बगैर एनबीए एक्रीडिटेशन कोर्स के तहत पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रम की सत्यता जांच सकें।  
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रिपोर्ट के आधार पर फैसला
रिपोर्ट के आधार पर कुवैत सरकार हजारों भारतीय इंजीनियरों की नौकरी पर फैसला करेगी कि वे वहां काम करने के योग्य हैं या नहीं। जांच के दौरान सोसायटी का दल आईआईटी, एनआईटी समेत अन्य कॉलेजों का दौरा भी करेगा। बता दें कि कुवैत में भारतीय इंजीनियर को काम करने से पहले सोसायटी ऑफ इंजीनियर्स से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना होता है। हालांकि नए नियम के चलते उक्त सोसायटी ने एनओसी देनी बंद कर दी है। 

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