Kerala: 'विदेश में भी हैं गुरु के अनुयायी', 171वें श्री नारायण गुरु जयंती समारोह में बोले केरल के राज्यपाल
Kerala: केरल के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर ने रविवार को कहा कि समाज सुधारक संत श्री नारायण गुरु ने हमेशा विभिन्न संस्कृतियों के बीच सह-अस्तित्व और सामंजस्य का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गुरु ने हमें सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाया है।
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Kerala: केरल के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर ने रविवार को कहा कि समाज सुधारक संत श्री नारायण गुरु ने हमेशा विभिन्न संस्कृतियों के बीच सह-अस्तित्व और सामंजस्य का संदेश दिया। वे वर्कला स्थित शिवगिरी मठ में आयोजित 171वें श्री नारायण गुरु जयंती समारोह में बोल रहे थे।
राज्यपाल अर्लेकर ने कहा कि गुरु ने समाज को मिल-जुलकर रहने का महत्व समझाया। उन्होंने कहा, “समाज में अलग-अलग संस्कृतियां और परंपराएं हैं। गुरु ने हमें सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाया है। यही आज की सबसे बड़ी जरूरत है। जब हम इसे अपनाएंगे तभी प्रगति कर पाएंगे।”
राज्यपाल ने महाभारत से दिया उदाहरण
उन्होंने महाभारत का एक प्रसंग भी सुनाया, जब अर्जुन अपने ही परिजनों से युद्ध करने को लेकर दुविधा में थे और श्रीकृष्ण ने उन्हें धर्म का पालन करने की सीख दी थी। अर्लेकर ने कहा कि जब संस्कृति पर आघात होता है, तब सही रास्ता चुनना कठिन हो जाता है, ऐसे समय में गुरु की सीख ही मार्गदर्शन करती हैं।
सीमाओं से परे गुरु की शिक्षाएं: राज्यपाल
राज्यपाल ने यह भी कहा कि श्री नारायण गुरु की शिक्षाएं किसी एक राज्य तक सीमित नहीं हैं। देश ही नहीं, विदेशों में भी उनके अनुयायी हैं क्योंकि गुरु के सिद्धांत सीमाओं में बंधे नहीं हैं, वे पूरी मानवता के लिए हैं। उनकी सीख मानव समाज की धरोहर हैं। हमें गर्व होना चाहिए कि ऐसे महान संत हमारे बीच रहे।
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