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Gender Equality: स्कूलों में बच्चों के सर और मैडम बोलने के लद गए दिन, अब शिक्षकों को ऐसे करेंगे संबोधित
Fri, 13 Jan 2023 04:37 PM IST
देवेश शर्मा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: देवेश शर्मा
Updated Fri, 13 Jan 2023 04:37 PM IST
सार
Gender Equality: शिक्षकों को सर और मैडम कह कर संबोधित करने के दिन अब लद चुके हैं। अब शिक्षकों से संवाद के दौरान बच्चों को सिर्फ टीचर शब्द का प्रयोग करना होगा।
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स्कूल जाते बच्चे
- फोटो : अमर उजाला - फाइल फोटो
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विस्तार
Gender Equality in Kerala: स्कूलों में बच्चों के द्वारा शिक्षकों को संबोधित करने के लिए अब सर और मैडम जैसे विशेषण खत्म होने वाले हैं। शिक्षकों को सर और मैडम कह कर संबोधित करने के दिन अब लद चुके हैं। अब शिक्षकों से संवाद के दौरान बच्चों को सिर्फ टीचर शब्द का प्रयोग करना होगा। इस संबंध में केएससीपीसीआर ने निर्देश जारी किया है।
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केरल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (KSCPCR) ने राज्य के सभी स्कूलों को निर्देश दिया कि वे स्कूल के शिक्षकों को उनके लिंग (जेंडर) की परवाह किए बिना 'सर' या 'मैडम' के बजाय 'शिक्षक' के रूप में संबोधित करें। केरल बाल अधिकार पैनल ने निर्देशित किया कि 'टीचर' उन्हें संबोधित करने के लिए 'सर' या 'मैडम' जैसे मानदंडों की तुलना में अधिक लिंग-तटस्थ (जेंडर न्यूट्रल) शब्द है। केएससीपीसीआर के आदेश में "सर" और "मैडम" जैसे शब्दों के जरिये संबोधन से बचने का भी उल्लेख किया गया है।
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केरल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (KSCPCR)पैनल के अध्यक्ष केवी मनोज कुमार और सदस्य सी विजयकुमार की पीठ ने बुधवार को सामान्य शिक्षा विभाग को राज्य के सभी स्कूलों में 'शिक्षक' शब्द का इस्तेमाल करने के निर्देश देने का निर्देश दिया। राज्य बाल अधिकार आयोग ने यह भी कहा कि सर या मैडम के बजाय "शिक्षक" कहने से सभी स्कूलों के बच्चों के बीच समानता बनाए रखने में मदद मिल सकती है और शिक्षकों के प्रति उनका लगाव भी बढ़ेगा। सूत्रों के अनुसार, शिक्षकों को उनके लिंग के अनुसार 'सर' और 'मैडम' संबोधित करते हुए भेदभाव को समाप्त करने की मांग करने वाले एक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर विचार करते हुए निर्देश दिया गया था।
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