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Hijab Row: कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बोले- हिजाब विवाद में परीक्षा छोड़ने वालों को दोबारा मौका नहीं मिलेगा

Tue, 22 Mar 2022 11:21 AM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सुभाष कुमार Updated Tue, 22 Mar 2022 11:21 AM IST
सार

हिजाब पहन कर कक्षाओं में प्रवेश करने की मांग को लेकर दायर की गई सभी याचिकाओं को कर्नाटक हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है।

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karnataka education minister bc nagesh said that row No re-exam for those who skipped exams
कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश। - फोटो : ANI

विस्तार

कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने कहा, हिजाब प्रदर्शनों के कारण जिन विद्यार्थियों ने परीक्षाएं नहीं दी हैं, उन्हें दोबारा मौका नहीं मिलेगा। परीक्षा में अनुपस्थित रहने वालों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। नागेश ने कहा, परीक्षाओं की प्रकृति प्रतियोगात्मक होती है, ऐसे में अनुपस्थित रहने वालों के लिए मानवीय आधार पर विचार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, अदालत ने जो कुछ कहा, हम उसका पालन करेंगे। परीक्षा में अनुपस्थित रहने की वजह चाहे हिजाब प्रदर्शन हो, खराब सेहत हो, उपस्थित होने में असक्षम या पढाई न करना हो, यह एक प्रमुख तथ्य तो है, पर कोई कारण नहीं।

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मिसाल कायम नहीं की जा सकती 
 नागेश ने कहा, बोर्ड के इतिहास में आज तक ऐसा नहीं हुआ कि अनुपस्थित रहने वालों के लिए पुनः परीक्षा हुई हो। अब इसके लिए मिसाल तो कायमं नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जो छात्र परीक्षा में फेल होंगे उन्हें अनूपूरक परीक्षा देने का मौका मिलेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा अगर हम मानवीय आधार पर विचार करते हैं तो आगे जाकर कई और छात्र विभिन्न कारणों से अनुपस्थित होंगे। 
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मदरसों में शिक्षा पर चिंता
शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने कहा कि कर्नाटक के मदरसों में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और समकालीन शिक्षा नहीं मिल पा रही है। अगर मदरसा चाहे तो सरकार की ओर से उन्हें औपचारिक और एक समान शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। मदरसों को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से धन मुहैया कराया जाता है। हालांकि, इस बात पर फैसला सभी से राय-विचार के बाद लिया जाएगा। 
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सुप्रीम कोर्ट में होनी है सुनवाई
बता दें कि हिजाब पहन कर कक्षाओं में प्रवेश करने की मांग को लेकर दायर की गई सभी याचिकाओं को कर्नाटक हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। इसके विरोध में राज्य में कई छात्र-छात्राओं ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया था। कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ छात्राओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। जल्द ही इस पर सुनवाई हो सकती है। 

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