फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Delhi ›   JNU approves observance of 14th August each year as Partition Horrors Remembrance Day amid Controversy Over Counter-Terrorism Course

JNU controversy: काउंटर टेररिज्म कोर्स पर विवाद के बीच नया फैसला, अब 14 अगस्त को मनाया जाएगा यह दिवस

Thu, 02 Sep 2021 08:06 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Thu, 02 Sep 2021 08:06 PM IST
सार

jnu latest controversy 2021: राष्ट्रीय राजधानी स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय लगातार सुर्खियों में रहता है। हाल ही में शुरू किए गए काउंटर टेररिज्म कोर्स को लेकर चल रहे विवादों के बीच जेएनयू की कार्यकारी परिषद ने एक ऐसा फैसला किया है, जिसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

विज्ञापन
JNU approves observance of 14th August each year as Partition Horrors Remembrance Day amid Controversy Over Counter-Terrorism Course
जेएनयू : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय,नई दिल्ली - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

राष्ट्रीय राजधानी स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) लगातार किसी न किसी कारण सुर्खियों में बना रहता है। हाल ही में शुरू किए गए काउंटर टेररिज्म कोर्स (counter terrorism course) को लेकर चल रहे विवादों के बीच जेएनयू की कार्यकारी परिषद (Executive Council of JNU) ने एक ऐसा फैसला किया है, जिसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। जेएनयू के कई छात्र और शिक्षक विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के फैसलाें को लेकर असंतुष्ट हैं और नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कई सवाल भी उठाए हैं। 

विज्ञापन


दरअसल, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने गुरुवार, 02 सितंबर, 2021 को एक फैसला करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रत्येक वर्ष 06 दिसंबर को बाबा साहब डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस और 14 अगस्त का दिन विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस (PARTITION HORRORS REMEMBRANCE DAY) के तौर पर मनाए जाने का निर्णय किया गया है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी की 75वीं वर्षगांठ के एक दिन पूर्व ही 14 अगस्त का दिन विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस घोषित किया था। 
विज्ञापन

 

वैमनस्य और दुर्भावना को खत्म करने वाला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा था कि देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नफरत और हिंसा के विषय में लाखों बहनों भाइयों को विस्थापित होना पड़ा और अपनी जान तक गंवानी पड़ी। यह 14 अगस्त का दिन विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा यह दिन हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना को खत्म करने के लिए न केवल प्रेरित करेगा, बल्कि इससे एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत होंगी।

आतंकवाद रोधी पाठ्यक्रम को लेकर निशाने पर

जेएनयू की ओर से यह फैसला ऐसे समय किया गया जब विश्वविद्यालय प्रशासन पहले से ही अपने आतंकवाद रोधी पाठ्यक्रम को लेकर निशाने पर है। गौरतलब की हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एक नए पाठ्यक्रम काउंटर टेररिज्म को शामिल किया है। इसे लेकर छात्र नेताओं और शिक्षक नेताओं ने आपत्ति जताई है। विपक्षी दलों के नेताओं ने भी इस पाठ्यक्रम पर सवाल उठाए हैं। 

स्टूडेंट यूनियन और टीचर्स एसोसिएशन ने जताया विरोध

जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के उपाध्यक्ष साकेत मून ने इसे संघ विचारधारा को थोपने वाला बताया है। उन्होंने पाठ्यक्रम में जिहादी हिंसा जैसे शब्दों को शामिल करने पर आपत्ति जताई और इस पाठ्यक्रम को वापस लेने की मांग की है। वही जेएनयू टीचर्स एसोसिएशन ने भी इस कोर्स पर आपत्ति जताई है और वापस लेने की मांग की। एसोसिएशन ने कहा कि यह पाठ्यक्रम उचित नहीं है। यह हिंदू और मुस्लिम छात्रों के बीच में वैमनस्य की भावना को बढ़ाएगा। यह फैसला अकादमिक से ज्यादा राजनीतिक और प्रोपेगेंडा से प्रेरित है। 

विश्वविद्यालय प्रशासन ने किया फैसले का बचाव

हालांकि, इन सब प्रतिक्रियाओं के बीच जेएनयू के कुलपति प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने इस कोर्स का बचाव करते हुए कहा कि इसे लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। पाठ्यक्रम की अकादमिक उपयोगिता को देखे बिना ही उस पर कन्ट्रोवर्सी खड़ी की जा रही है। वहीं, कोर्स को डिजाइन करने वाले जेएनयू के प्रोफेसर अरविंद कुमार ने कहा है कि एक पाठ्यक्रम किसी भी प्रकार से किसी मजहब, संप्रदाय विशेष की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाता है और इसे पूरी तरह अकादमिक दृष्टिकोण से तैयार किया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed