फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   jharkhand academic council will not conduct compartment exam for class 11 

इस राज्य के छात्रों को झटका, अब नहीं होगी 11वीं में कंपार्टमेंट परीक्षा

Tue, 05 Nov 2019 06:47 PM IST
Mohit Mudgal एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Mohit Mudgal Updated Tue, 05 Nov 2019 06:47 PM IST
विज्ञापन
jharkhand academic council will not conduct compartment exam for class 11 
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने फैसला किया है कि वे किसी कंपार्टमेंट या स्पेशल परीक्षा का आयोजन नहीं कराएंगे। काउंसिल के इस फैसले के पीछे एक सोच है कि केवल योग्य छात्र ही 12वीं की झारखंड बोर्ड परीक्षा में शामिल हो। काउंसिल के निर्णय के बाद छात्र और अभिभावक परेशान हैं।  

विज्ञापन


एक अखबार से बातचीत में शिक्षा अधिकारी महीप कुमार सिंह ने बताया कि जो छात्र एक विषय में फेल हो गए है और चार विषयों में सफल रहें है उन्हें 12 वीं कक्षा में पदोन्नत कर दिया गया हैं। इस बार 11वीं कक्षा के लिए कोई कंपार्टमेंट एग्जाम नहीं होगा। जो छात्र एक से ज्यादा विषयों में असफल रहें है, उन्हें यह साल दोहराना होगा यानी 11वीं कक्षा दोबारा पढ़नी पड़ेगी। 
विज्ञापन


पिछले साल स्पेशल परीक्षा कराने के बाद अब इस साल बोर्ड ने अपना फैसला बदल दिया है। इस साल एक से ज्याद विषयों में असफल रहे छात्रों को कोई अवसर नहीं दिया जाएगा। हालांकि 8वीं, 9वीं, और 10वीं कक्षाओं के लिए कंपार्टमेंट परीक्षा जारी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


11वीं की परीक्षा में 2.54 लाख छात्र शामिल हुए थे, जिसमें से 82.61 प्रतिशत छात्र सफल रहें। इसके अलावा झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने एक विषय में असफल रहे 6.39 प्रतिशत छात्रों को 12वीं कक्षा में पदोन्नत कर दिया है। महीप कुमार सिंह ने बताया कि 11वीं कक्षा में इस बार 89 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं। झारखंड बोर्ड परीक्षा के लिए 2.60 लाख छात्रों ने आवेदन किया था। 


इस बार 11वीं कक्षा में एक से ज्यादा विषयों में असफल रहे छात्रों को बोर्ड का यह कदम अनुचित लग रहा है। एक शिक्षक ने अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि छात्र परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और उनका निराश होना स्वाभाविक है। क्योंकि पिछली बार की तरह इसबार छात्रों को दूसरा मौका नहीं मिलेगा। इस बार नियम बदल गए हैं, बोर्ड ने अधिसूचना जारी की थी पर यह स्कूलों की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों को पहले से सूचित करें और उन्हें सचेत रखें। हालांकि, अनिश्चितता और भ्रम अब भी बरकरार है।


शिक्षा की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें। 
सरकारी नौकरियों की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed