{"_id":"5dc176588ebc3e5b6b45af06","slug":"jharkhand-academic-council-will-not-conduct-compartment-exam-for-class-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस राज्य के छात्रों को झटका, अब नहीं होगी 11वीं में कंपार्टमेंट परीक्षा","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
इस राज्य के छात्रों को झटका, अब नहीं होगी 11वीं में कंपार्टमेंट परीक्षा
Tue, 05 Nov 2019 06:47 PM IST
Mohit Mudgal
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mohit Mudgal
Updated Tue, 05 Nov 2019 06:47 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने फैसला किया है कि वे किसी कंपार्टमेंट या स्पेशल परीक्षा का आयोजन नहीं कराएंगे। काउंसिल के इस फैसले के पीछे एक सोच है कि केवल योग्य छात्र ही 12वीं की झारखंड बोर्ड परीक्षा में शामिल हो। काउंसिल के निर्णय के बाद छात्र और अभिभावक परेशान हैं।
विज्ञापन
एक अखबार से बातचीत में शिक्षा अधिकारी महीप कुमार सिंह ने बताया कि जो छात्र एक विषय में फेल हो गए है और चार विषयों में सफल रहें है उन्हें 12 वीं कक्षा में पदोन्नत कर दिया गया हैं। इस बार 11वीं कक्षा के लिए कोई कंपार्टमेंट एग्जाम नहीं होगा। जो छात्र एक से ज्यादा विषयों में असफल रहें है, उन्हें यह साल दोहराना होगा यानी 11वीं कक्षा दोबारा पढ़नी पड़ेगी।
विज्ञापन
पिछले साल स्पेशल परीक्षा कराने के बाद अब इस साल बोर्ड ने अपना फैसला बदल दिया है। इस साल एक से ज्याद विषयों में असफल रहे छात्रों को कोई अवसर नहीं दिया जाएगा। हालांकि 8वीं, 9वीं, और 10वीं कक्षाओं के लिए कंपार्टमेंट परीक्षा जारी रहेगी।
विज्ञापन
11वीं की परीक्षा में 2.54 लाख छात्र शामिल हुए थे, जिसमें से 82.61 प्रतिशत छात्र सफल रहें। इसके अलावा झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने एक विषय में असफल रहे 6.39 प्रतिशत छात्रों को 12वीं कक्षा में पदोन्नत कर दिया है। महीप कुमार सिंह ने बताया कि 11वीं कक्षा में इस बार 89 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं। झारखंड बोर्ड परीक्षा के लिए 2.60 लाख छात्रों ने आवेदन किया था।
इस बार 11वीं कक्षा में एक से ज्यादा विषयों में असफल रहे छात्रों को बोर्ड का यह कदम अनुचित लग रहा है। एक शिक्षक ने अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि छात्र परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और उनका निराश होना स्वाभाविक है। क्योंकि पिछली बार की तरह इसबार छात्रों को दूसरा मौका नहीं मिलेगा। इस बार नियम बदल गए हैं, बोर्ड ने अधिसूचना जारी की थी पर यह स्कूलों की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों को पहले से सूचित करें और उन्हें सचेत रखें। हालांकि, अनिश्चितता और भ्रम अब भी बरकरार है।
शिक्षा की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें।
सरकारी नौकरियों की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X