फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Jamia students protest at Jantar Mantar over suspension of 17; Read here

Jamia: 17 छात्रों को निलंबित करने के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन; कक्षाओं का भी किया बहिष्कार

Wed, 19 Feb 2025 07:32 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Wed, 19 Feb 2025 07:32 PM IST
सार

Jamia Protest: जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों ने आज जंतर-मंतर पर 17 छात्रों के निलंबन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। जामिया प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
 

विज्ञापन
Jamia students protest at Jantar Mantar over suspension of 17; Read here
Jamia Protest - फोटो : पीटीआई

विस्तार

Jamia: जामिया मिलिया इस्लामिया के 17 छात्रों के निलंबन के खिलाफ बुधवार को जंतर-मंतर पर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। इन छात्रों को परिसर में हुए प्रदर्शनों में भाग लेने के कारण निलंबित किया गया था। इस विरोध में वामपंथी छात्र संगठनों जैसे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIDSO) समेत अन्य संगठनों ने हिस्सा लिया।

विज्ञापन


प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से निलंबित छात्रों की तत्काल बहाली और भविष्य में प्रदर्शनों में भाग लेने पर किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचने की मांग की। हालांकि, जामिया प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

विज्ञापन

कैसे शुरू हुआ विवाद?

मामला तब सामने आया जब दिसंबर 2024 में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कथित तौर पर दो पीएचडी छात्रों को बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के कारण निलंबित कर दिया। छात्र कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह निर्णय असहमति की आवाज को दबाने के प्रयास का हिस्सा है।

विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले कुछ छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उनके माता-पिता से संपर्क कर चेतावनी दी कि यदि उनके बच्चे प्रदर्शन में शामिल होते रहे तो उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा सकती है।

छात्र संगठनों का दावा है कि प्रशासन ने अचानक 17 छात्रों के निलंबन का आदेश जारी कर दिया, जिससे उनके सहपाठियों में रोष फैल गया और कई छात्रों ने इसके विरोध में अपनी कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया।

25 फरवरी को अनुशासन समिति की बैठक

15 दिसंबर 2024 को 'जामिया प्रतिरोध दिवस' कार्यक्रम के दौरान दो पीएचडी छात्रों की भूमिका की समीक्षा के लिए 25 फरवरी को एक अनुशासन समिति की बैठक निर्धारित की गई है। यह वार्षिक कार्यक्रम 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों की याद में आयोजित किया जाता है।

छात्रों के अनुसार, उन्हें भेजे गए निलंबन नोटिस में "बर्बरता, अनधिकृत विरोध प्रदर्शन और विश्वविद्यालय की छवि खराब करने" जैसे आरोप लगाए गए हैं।

विज्ञापन

प्रदर्शनकारियों की मांगें

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हाथों में "असहमति जामिया की विरासत है" और "कैंपस में लोकतंत्र बहाल करो" जैसे नारे लिखे पोस्टर और बैनर थाम रखे थे। उनकी प्रमुख मांगें थीं:

  • निलंबित छात्रों को तुरंत बहाल किया जाए।
  • विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने वाले 2020 के आदेश को निरस्त किया जाए।
  • भित्तिचित्र और पोस्टर लगाने पर लगे ₹50,000 के जुर्माने को हटाया जाए।
  • यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

छात्रों का आरोप: बढ़ रहा दमन

कुछ छात्रों का कहना है कि जब से अक्टूबर 2024 में कुलपति मजहर आसिफ ने कार्यभार संभाला है, तब से कैंपस में गतिविधियों पर प्रतिबंध और कड़े हो गए हैं। AISA की सदस्य सोनाक्षी ने कहा, "2023 में प्रतिरोध दिवस बिना किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई के मनाया गया था, लेकिन 2024 में हमें कारण बताओ नोटिस भेजे गए और जांच शुरू कर दी गई।"

छात्र संगठनों ने यह भी संकेत दिया कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे विरोध प्रदर्शन को और तेज करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed