JMI: जामिया को मिला 14.8 करोड़ रुपये का अनुदान, विश्वविद्यालय में बनेगी ई-वाहन और साइबर सुरक्षा प्रयोगशाला
JMI: जामिया मिल्लिया इस्लामिया को केंद्र सरकार से 14.8 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। इस राशि से परिसर में इलेक्ट्रिक वाहनों पर शोध और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण के लिए दो आधुनिक प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। यह कदम देश में आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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JMI: जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) को भारत सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के तहत 14.8 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। इस राशि से परिसर में दो आधुनिक प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। पहली प्रयोगशाला एक इलेक्ट्रिक वाहनों पर शोध के लिए और दूसरी साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण के लिए होगी।
दोनों परियोजनाओं के लिए इतना हिस्सा
- कुल 14.8 करोड़ रुपये में से 9.05 करोड़ रुपये "इलेक्ट्रिक वाहन अनुसंधान प्रयोगशाला" के लिए स्वीकृत हुए हैं। इस परियोजना के प्रमुख अन्वेषक (PI) इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. अहतेशामुल हक हैं।
- बाकी 5.75 करोड़ रुपये "साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण प्रयोगशाला" के लिए स्वीकृत किए गए हैं, जिसके प्रमुख अन्वेषक एफटीके-सीआईटी (FTK-CIT) के निदेशक डॉ. शाने काज़िम नकवी हैं।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
यह पहल इलेक्ट्रिक वाहनों और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। उन्होंने भारत सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सहयोग जामिया के लिए गर्व की बात है।
जामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ ने कहा, "ये दोनों परियोजनाएं हमारे देश के मिशन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी। इससे छात्रों और पेशेवरों को नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी और वे इन क्षेत्रों में देश के विकास में योगदान दे सकेंगे।"
दो आधुनिक लैब जल्द तैयार होंगी
- जामिया के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने बताया कि इस अनुदान से दो नई और उन्नत प्रयोगशालाएं तैयार की जाएंगी - एक ई-वाहनों के शोध के लिए और दूसरी साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण के लिए।
- उन्होंने कहा, "इन लैब्स से छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा और वे वास्तविक दुनिया की समस्याओं के समाधान के लिए नई तकनीकों पर काम कर सकेंगे।"
- रजिस्ट्रार ने प्रो. अहतेशामुल हक और डॉ. शाने नकवी को उनकी मेहनत और इन परियोजनाओं को प्राप्त करने के लिए बधाई दी।
परियोजनाओं के लक्ष्य
ई-वाहन परियोजना के प्रमुख प्रो. अहतेशामुल हक ने बताया कि इसके तीन मुख्य उद्देश्य हैं:
- इलेक्ट्रिक वाहनों पर उच्चस्तरीय अनुसंधान को बढ़ावा देना
- जामिया परिसर में ई-वाहनों के लिए एक चार्जिंग स्टेशन बनाना
- नीति आयोग की 2030 की नीति के अनुसार इस क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए एक कौशल केंद्र तैयार करना।
साइबर सुरक्षा लैब के प्रमुख डॉ. शाने काज़िम नकवी ने बताया कि यह प्रयोगशाला भारत सरकार की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति से जुड़ी हुई है। इसका मकसद ऐसा कुशल कार्यबल तैयार करना है जो देश की डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा कर सके।
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