इसरो में इंटर्नशिप कैसे पाएं?: कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए है ये खास योजना, क्या है आवेदन का तरीका? जानें सभी नियम
ISRO Internship: यूजी-पीजी और पीएचडी के छात्रों के लिए अंतरिक्ष विभाग/इसरो के केंद्रों/इकाइयों में इंटर्नशिप और स्टूडेंट प्रोजेक्ट ट्रेनिंग के जरिए भारत के स्पेस टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम का व्यावहारिक अनुभव पाने का एक शानदार मौका है। इंटर्नशिप की अवधि अधिकतम 45 दिन होगी।
विस्तार
ISRO Internship And Student Project Trainee Scheme: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और अंतरिक्ष विभाग (DoS) छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक में इंटर्नशिप और शैक्षणिक प्रोजेक्ट करने का मौका देते हैं। इसके लिए DoS/ISRO ने दो योजनाएं शुरू की हैं, पहली है इंटर्नशिप स्कीम (Internship Scheme) और दूसरी स्टूडेंट प्रोजेक्ट ट्रेनी (Student Project Trainee Scheme) है। इनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को इसरो के काम को समझने और अपना प्रोजेक्ट पूरा करने में मदद करना है।
DoS/ISRO Internship Scheme क्या है?
यह योजना विज्ञान और तकनीक की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए है।
- कौन आवेदन कर सकता है: स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और पीएचडी (PhD) के छात्र।
- योग्यता: छात्र भारत या विदेश के किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या संस्थान में पढ़ रहा हो। ऐसे छात्र भी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने आवेदन करने से पिछले 6 महीने के अंदर अपनी पढ़ाई पूरी की हो।
- नागरिकता: केवल भारतीय नागरिक।
- अवधि: अधिकतम 45 दिन।
- अंक/सीजीपीए: 10 के पैमाने पर कम से कम 60 प्रतिशत अंक या 6.32 सीजीपीए होना जरूरी है।
Student Project Trainee Scheme क्या है?
- यह योजना उन छात्रों के लिए है, जो अपनी पढ़ाई के हिस्से के रूप में इसरो में शैक्षणिक प्रोजेक्ट करना चाहते हैं।
- इसके लिए भी कम से कम 60 प्रतिशत अंक या 6.32 सीजीपीए होना जरूरी है।
कोर्स के अनुसार पात्रता और अवधि:
| कोर्स | पात्रता | न्यूनतम अवधि |
|---|---|---|
| BE / B.Tech | छठा सेमेस्टर पूरा हो | 45 दिन |
| ME / M.Tech | पहला सेमेस्टर पूरा हो | 120 दिन |
| B.Sc / Diploma | केवल अंतिम वर्ष के छात्र | 45 दिन |
| M.Sc | पहला सेमेस्टर पूरा हो | 120 दिन |
| Ph.D | कोर्सवर्क पूरा हो | 30 महीने |
क्या हर छात्र का हो जाता है चयन?
नहीं। केवल न्यूनतम योग्यता पूरी करने से चयन पक्का नहीं होता।
- प्रोजेक्ट या इंटर्नशिप मिलेगी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि संबंधित इसरो केंद्र में उस समय कितनी सीटें, सुविधाएं और विशेषज्ञ उपलब्ध हैं।
- साथ ही, छात्र का कोर्स और वह जिस प्रोजेक्ट के लिए आवेदन कर रहा है, उसका संबंधित केंद्र के काम से मेल खाना भी जरूरी है।
किन इसरो केंद्रों में मिल सकता है मौका?
छात्र इसरो के अलग-अलग केंद्रों में इंटर्नशिप या प्रोजेक्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
- यूआर राव सैटेलाइट सेंटर (URSC)
- स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (SAC)
- विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC)
- भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (IIRS)
- राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC)
- लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर (LPSC)
- इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (IPRC)
- सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC-SHAR)
- इस्ट्रैक (ISTRAC)
- राष्ट्रीय वायुमंडलीय अनुसंधान प्रयोगशाला (NARL)
- भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL)
ध्यान दें: केंद्रीय योजना में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक की शर्त है, लेकिन हर केंद्र अपने अलग नियम भी रख सकता है।उदाहरण के लिए:
- SAC में वर्क-एक्सपीरियंस इंटर्नशिप, डिसर्टेशन इंटर्नशिप और रिसर्च इंटर्नशिप के लिए अलग-अलग नियम हैं।
- URSC में प्रोजेक्ट के लिए कम से कम 70 प्रतिशत अंक जरूरी हैं।
इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित केंद्र के नियम जरूर जांच लें।
इंटर्नशिप के दौरान पैसे मिलेंगे?
नहीं। इंटर्नशिप या प्रोजेक्ट के दौरान छात्रों को कोई स्टाइपेंड, पारिश्रमिक या आर्थिक मदद नहीं दी जाएगी।
क्या रहने की सुविधा मिलेगी?
इसरो छात्रों को रहने की जगह देने के लिए बाध्य नहीं है। हालांकि, अगर हॉस्टल या गेस्ट हाउस में जगह उपलब्ध है, तो तय शुल्क देकर वहां रहने की सुविधा मिल सकती है। कुछ मामलों में साझा आधार पर भी रहने की जगह दी जा सकती है। छात्रों को नियमित कर्मचारियों की तरह कैंटीन की सुविधा भी मिल सकती है।
इंटर्नशिप पूरी होने पर क्या मिलेगा?
छात्र अगर अपना काम सफलतापूर्वक पूरा करता है, रिपोर्ट जमा करता है और संबंधित अधिकारियों द्वारा उसके काम का मूल्यांकन किया जाता है, तो उसे सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
आवेदन कैसे करें?
पूरे इसरो के लिए कोई एक कॉमन आवेदन फॉर्म नहीं होता। छात्रों को इन बातों का ध्यान रखना होगा:
- इसरो की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी पसंद के केंद्र, जैसे URSC या SAC, का पेज खोलें।
- उस केंद्र की पात्रता, आवेदन का तरीका, उपलब्ध प्रोजेक्ट और अंतिम तारीख देखें।
- केंद्र के नियमों के अनुसार आवेदन करें।
कुछ केंद्रों में छात्र को सीधे आवेदन करने के बजाय अपने कॉलेज या संस्थान के जरिए आवेदन करना होता है। उदाहरण के लिए, URSC में प्रोजेक्ट के लिए संस्थान के माध्यम से आवेदन करना होता है।
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