IPU: अब बीटेक छात्र बदल सकेंगे अपनी ब्रांच, लेकिन शिफ्ट में नहीं होगा बदलाव; जानें प्रक्रिया और शर्तें
IPU: आईपीयू ने स्पष्ट किया है कि इस अवसर का लाभ वह ही छात्र ले सकते हैं जिन्होंने बीते साल बीटेक की शाखा (सीएसई, ईसीई, एमएई) के पहले सेमेस्टर में दाखिला लिया था और अब दो सेमेस्टर पूरे करने के बाद तीसरे सेमेस्टर में उस शाखा को बदलना चाहते हैं।
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IPU: गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में बीटेक कोर्सेज में दाखिला लेने वाले छात्र अब सत्र 2025-26 में अपनी ब्रांच बदल सकते हैं। आईपीयू ब्रांच बदलने के इच्छुक छात्रों को यह अवसर देने जा रहा है। इसके लिए उन्हें 30 अप्रैल तक आवेदन करना होगा। ब्रांच बदलने के स्वीकृत मामलों को विवि की वेबसाइट पर 27 मई को प्रदर्शित किया जाएगा। ब्रांच-अपग्रडेशन के तहत छात्र अपनी शिफ्ट में बदलाव नहीं कर सकते हैं।
आईपीयू ने स्पष्ट किया है कि इस अवसर का लाभ वह ही छात्र ले सकते हैं जिन्होंने बीते साल बीटेक की शाखा (सीएसई, ईसीई, एमएई) के पहले सेमेस्टर में दाखिला लिया था और अब दो सेमेस्टर पूरे करने के बाद तीसरे सेमेस्टर में उस शाखा को बदलना चाहते हैं।
ब्रांच बदलने-अपग्रेड करने को लेकर दिशा-निर्देश जारी
आईपीयू प्रशासन की ओर से ब्रांच बदलने-अपग्रेड करने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि छात्र यह बदलाव उसी कॉलेज व संस्थान की उसी शिफ्ट में कर सकता है, जहां वह जिस शिफ्ट में पढ़ रहा है। उदाहरण के लिए यदि कोई छात्र बीटेक कंप्यूटर साइंस कर रहा है तो वह आईटी, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग शाखा को ले सकता है। बदलाव की इस प्रक्रिया के तहत किसी एक संस्थान-कॉलेज से दूसरे संस्थान व कॉलेज या उसी संस्थान की दूसरी पाली से पहली पाली या पहली पाली से दूसरी पाली में आने की मंजूरी नहीं है। ब्रांच बदलने की मंजूरी पाए आवेदनों की सूची 27 मई को विवि की वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
शाखा बदलने के लिए छात्रों को परफॉर्मा भरकर आईपीयू के स्कूल, संस्थान के डीन, निदेशक या प्रिंसिपल के नाम आवेदन करना होगा। इसके लिए उन्हें दो हजार रुपये शुल्क का भुगतान करना होगा। शाखा में बदलाव छात्रों की पहले वर्ष (पहले व दूसरे सेमेस्टर) के प्रदर्शन के आधार पर ही होगा। ब्रांच बदलने के लिए आए आवेदन से पहले डीन, निदेशक व यूनिवर्सिटी स्कूल के प्रिंसिपल को इंजीनियरिंग में खाली सीटों की जानकारी 15 अप्रैल तक निदेशक-इंचार्ज को भेजनी होगी।
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