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इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के 'कॉमकॉन 2019' में होगी आम लोगों के अभिव्यक्ति के अधिकार पर चर्चा

Tue, 10 Sep 2019 04:36 PM IST
Advertorial Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Tue, 10 Sep 2019 04:36 PM IST
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Invertis University organized a COMM Con 2019 international conference
इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी 'कॉमकॉन 2019' - फोटो : Invertis University

हमारा संविधान हमें अभिव्यक्ति की आजादी का मौलिक अधिकार प्रदान करता है। हां, इसमें निश्चय ही कुछ उचित व तार्किक अपवाद हैं। लेकिन ये मौलिक अधिकार भारत को समान रूप से मानवाधिकार, नागरिक व राजनीतिक अधिकार प्रदान करने वाला देश बनाते हैं। हमारे संविधान निर्माताओं ने हमें एक उदारवादी और आधुनिकतावादी संविधान दिया है, जिसके लिए हमारे संविधान निर्माताओं की तारीफ भी होनी चाहिए। हालांकि यह अक्सर ही दिखाई देता है कि नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी होने के बाद भी वे लोक नीतियां या लोक वाद विवादों को मास मीडिया के अभाव की वजह से प्रभावित करने में असफल रहते हैं।

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वर्तमान समय की अपेक्षा प्राचीन समय में लोकहित के लिए किसी मुद्दे के पक्ष या विपक्ष में बोलकर लोक नीतियों को प्रभावित करना आसान था। लेकिन आज के समय में लोगों व सत्ता के बिचौलियों के पास ही लोक हित या लोगों के लिए आवश्यक मुद्दों को निर्धारित करने का अधिकार है। इसे इस प्रकार भी समझा जा सकता है कि कुछ लोग ही लोकनीतियां निर्धारित करते हैं। ये ठीक एजेंडा सेटिंग के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें कुछ लोग सारे नागरिकों को बताते है कि उनके लिए क्या हितकारी है।
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मास मीडिया में देश की बड़ी आबादी अपने विचारों को व्यक्त नहीं कर सकती, जिससे लोकनीतियों का निर्धारण प्रभावित होता है। इसीलिए न्यू मीडिया ढेर सारे अवसर लाता है, जिसमें न सिर्फ आम नागरिक लोगों के विचारों को प्रभावित कर सकते हैं, बल्कि लोक नीतियों के निर्माण को भी प्रभावित करते हैं। हालांकि इस माध्यम में भी कई नागरिक अपने विचारों को व्यक्त नहीं कर पा रहे हैं।
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इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी ने एक ऐसे कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया है, जिसमें मीडिया व मनोरंजन क्षेत्र के संवाद विशेषज्ञों को एक साथ लाकर 'न्यू मीडिया एंड सिटीजंस राइट टू कम्यूनिकेट' विषय पर चर्चा करेंगें। इस कॉन्फ्रेंस में देश भर से कई विद्वानों को आमंत्रित किया गया है, जो कि लोक कल्याण के इन मुद्दों पर अपने तार्किक विचार व्यक्त करेंगे। 13 और 14 सितंबर को होने वाले कॉमकॉन- 2019 में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो चुके हैं। 

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