छात्रों के विकास को सुनिश्चित करता इनवर्टिस का इंटरनेशनल स्टूडेंट ऐंड फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम
इनवर्टिस यूनिवर्सिटी छात्रों के एक्सचेंज प्रोग्राम में दृढ़ विश्वास रखती है। ये एक ऐसी व्यवस्था है जो न सिर्फ छात्रों का शैक्षणिक स्तर पर विकास करती है, बल्कि उन्हें दूसरी संस्कृति को समझने का भी अवसर प्रदान करती है। इससे छात्रों का सर्वांगीण विकास हो पाता है। इनवर्टिस यूनिवर्सिटी ने अपने इसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कई विदेशी कॉलेजों व विश्वविद्दालयों के साथ मिलकर इंटरनेशनल स्टूडेंट एंड फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम की स्थापना की है । इस प्रोग्राम में निहित शैक्षणिक संस्थाएं हैं-
- लिविंगस्टोन कॉलेज, सैलिसबरी, नॉर्थ कैरोलिना, यूएसए
- यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलिना अपस्टेट, स्पार्टनबर्ग, यूएसए
- हॉवर्ड यूनिवर्सिटी, वॉशिंगटन डीसी, यूएसए
- अलियंट यूनिवर्सिटी, कैलिफोर्निया, यूएसए
- त्रिभुवन यूनिवर्सिटी, काठमांडू, नेपाल
- अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट फाउंडेशन, जर्मनी
- रिजेनेसिस इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजेंट, जोहेन्सबर्ग, दक्षिण अफ्रीका
क्या होता है इस प्रोग्राम में, छात्रों को कैसे मिलता है फायदा
इस प्रोग्राम के अंतर्गत विदेशी व इनवर्टिस यूनिवर्सिटी के छात्र व अध्यापक एक दूसरे के कैम्पस का दौरा करते हैं। शैक्षणिक व सांस्कृतिक विरासतों को एक दूसरे से साझा करते हैं।
इनवर्टिस यूनिवर्सिटी इस बात पर गौरवान्वित है कि इंटरनेशनल स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के अंतर्गत सात छात्र अपने ऑड सेमेस्टर की पढ़ाई के लिए 2017 में लिविंगस्टोन कॉलेज गए। उनमें से हर एक छात्र को उनके पठन पाठन हेतु छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
इनवर्टिस ने बताया कि '2015 में यूएसए से 6 विद्यार्थी इनवर्टिस यूनिवर्सिटी आए थे। यहां तक कि हमने यूएसए से अपने मास्टर प्रोग्राम एमबीए में दो विद्दार्थियों का दाखला कराया। 2015 में हमने लिविंगस्टोन कॉलेज के साथ स्टूडेंट्स एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए मेमोरंडम साइन किया था। तब से हर सेमेस्टर में हमारे विद्यार्थी एक सेमेस्टर के लिए लिविंगस्टोन कॉलेज जाते हैं और वहां ज्ञानोपार्जन करते हैं। अभी तक इनवर्टिस यूनिवर्सिटी के 30 विद्दार्थी यूएसए जा चुके हैं।
विदेश में पढ़ने के लिए क्या जरूरी
इंटरनेशनल स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत लिविंगस्टोन कॉलेज से इनवर्टिस यूनिवर्सिटी में आने वाले छात्र मार्टेल कर्टिस ने एक्सचेंज प्रोग्राम के लाभों के बारे बताया। उन्होंने कहा कि “दूसरे देश में पढ़ने के लिए एक मुक्त व खुला मस्तिष्क का होना जरूरी है। एक्सचेंज प्रोग्राम में भाग लेना व उससे सीखना तभी संभव है जब हम अपनी संस्कृति के साथ दूसरी संस्कृति में सहजता से घुल-मिल सकें। एक दूसरे से घुलने मिलने के क्रम में अपनी भाषा के भिन्न होने पर भी अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का प्रयास भी एक साहसिक कार्य प्रतीत होता है। अगर आपको विदेशी भाषा समझ में नहीं आ रही है, तो भी आप उसे सीख सकते हैं और सीखने का आनंद भी ले सकते हैं।“
उत्तर प्रदेश के बरेली का अनुभव
एक विदेशी छात्र ने कहा “भारत के एक राज्य उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में होना निश्चित तौर पर एक आंख खोलने वाला अनुभव था। इनवर्टिस यूनिवर्सिटी में एक एक्सचेंज स्टूडेंट होने के नाते, दूसरे देश की यात्रा ने एक आम पर्यटक की अपेक्षा मेरे विचारों को और भी ज्यादा परिष्कृत किया है। इनवर्टिस यूनिवर्सिटी और मेरे गृह विद्यालय लिविंगस्टोन कॉलेज के साझा एक्सचेज प्रोग्राम ने हमें एक ऐसा अवसर प्रदान किया है जिसमें हम अपने अध्ययन के विषयों के साथ साथ सांस्कृतिक ज्ञान के अध्ययन का लाभ उठा सकते हैं। इनवर्टिस यूनिवर्सिटी का अध्यापकों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों से युक्त, विनम्र व खूबसूरत कैम्पस भारतीयता व भारत की बहुआयामी विविध संस्कृति को गहराई से समझने के लिए एक सकारात्मक पर्यावरण का निर्माण करता है। खासतौर पर उन विद्यार्थियों के लिए जो एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत यहां आए हैं।“
इंटरनेशनल स्टूडेंट एंड फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम आपको पढ़ाई के साथ साथ दूसरे देश की संस्कृति सीखने व जानने का मौका प्रदान करता है। यह किसी के भी सर्वांगीण विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान शिक्षण पद्धति के बीच एक्सचेंज प्रोग्राम जैसी पहल, शिक्षण जगत में आवश्यक बदलाव का प्रतिबिंब है।
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