फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India Khadi gets Harmonised System code, What is HS code for Khadi

खादी को मिला है एचएस कोड, जानें क्या है इसका मतलब

Mon, 11 Nov 2019 02:39 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Mon, 11 Nov 2019 02:39 PM IST
विज्ञापन
India Khadi gets Harmonised System code, What is HS code for Khadi
खादी को एचएस कोड

भारतीय संस्कृति की पहचान 'खादी' एक बार फिर से चर्चा में है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) ने 'खादी' को अलग से एक कोड दिया है। इसका नाम है हार्मोनाइज्ड सिस्टम कोड (HS Code)। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम (MSME) द्वारा एक विज्ञप्ति जारी कर भी इस बात की जानकारी दी गई है। 

विज्ञापन


लेकिन ये एचएस कोड है क्या? खादी को यह कोड क्यों दिया गया?इससे क्या फायदा होगा? इन सभी सवालों के जवाब आगे पढ़ें।

क्या है एचएस कोड?

  • एचएस कोड, यानी हार्मोनाइज्ड सिस्टम कोड।
  • यह छह अंकों का कोड है जिसे वर्ल्ड कस्टम्स ऑर्गेनाइजेशन (World Customs Organization - WCO) ने विकसित किया है।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह किसी उत्पाद का नामकरण होता है, जिसके जरिए दुनिया भर में उसकी पहचान की जाती है।

ये भी पढ़ें : Ayodhya: क्या है अनुच्छेद 142? इसकी मदद से कोर्ट ने मस्जिद के लिए दी जमीन

  • दुनिया के 200 से ज्यादा देश इस नामकरण प्रणाली का उपयोग करते हैं।
  • इस प्रणाली से किसी उत्पाद के व्यापार की प्रक्रिया में समानता बनाए रखने और उसके अंतरराष्ट्रीय व्यापार की लागत कम करने में मदद मिलती है।
  • डब्ल्यूसीओ की वेबसाइट के अनुसार, इस प्रणाली में अब तक करीब 5000 उत्पादों के समूह हैं। हर किसी का अपना छह अंकों का कोड (HS Code) है।

खादी के लिए एचएस कोड क्यों?

केंद्र सरकार को उम्मीद है कि इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में खादी और इसके व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

ये भी पढ़ें : Ayodhya Verdict 2019: सुप्रीम कोर्ट के पांच जज जिन्होंने अयोध्या मामले पर सुनाया फैसला

खादी एवं ग्रामीण उद्योग आयोग (Khadi and Village Industries Commission - KVIC) के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि 'सरकार के इस फैसले से खादी के निर्यात का नया अध्याय शुरू हो सकेगा। पहले एचएस कोड नहीं होने से खादी के निर्यात से संबंधित आंकड़े सामान्य कपड़ों के अंतर्गत ही आते थे। अब हम खास तौर पर खादी के विकास, इसके निर्यात के आंकड़ों पर अलग से नजर रख सकेंगे। साथ ही इसके आधार पर आगे की योजनाओं व रणनीतियों पर काम हो सकेगा।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed