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काम की खबर : इन स्रोत से कमाए धन पर नहीं लगता आयकर, जानें इनकम टैक्स के नियम और शर्तें

Mon, 07 Jun 2021 07:14 AM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Mon, 07 Jun 2021 07:14 AM IST
सार

देश का प्रत्येक वह व्यक्ति जिसकी वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से ज्यादा है तो वह इनकम टैक्स के दायरे में आता है। हालांकि, यह आय के स्रोत के प्रकार  पर निर्भर करता है कि वह दायरे में आती है या नहीं।

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Income tax is not applicable on the capital earned from these sources, know the terms and conditions of income tax
INCOME TAX - फोटो : SELF

विस्तार

इनकम टैक्स यानी आयकर। यह शब्द एक ऐसा शब्द है, जिसे जो सुनता है वही चौकन्ना हो जाता है। वह इसलिए कि कहीं वे आयकर विभाग के चक्कर में न फंस जाएं। तो चिंता छोड़ दीजिए क्योंकि हम आपको बताने वाले हैं ऐसी जानकारी, जिससे आप इनकम टैक्स को लेकर भ्रम में नहीं पड़ेंगे और आपको आयकर विभाग के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। तो सबसे पहले जान लीजिए कि आयकर के दायरे में कौन - कौन और क्या - क्या चीजें आती हैं? 

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देश का प्रत्येक वह व्यक्ति जिसकी वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से ज्यादा है तो वह इनकम टैक्स के दायरे में आता है। हालांकि, यह आय के स्रोत के प्रकार  पर निर्भर करता है कि वह दायरे में आती है या नहीं। दरअसल, आय के कुछ स्रोत ऐसे भी होते हैं जिनसे होने वाले कमाई कर योग्य आय के दायरे में नहीं आते हैं। हालांकि, इन छूट के साथ कई शर्तें भी लागू होती हैं। आज इन शर्तों के साथ टैक्स फ्री इनकम यानी कर मुक्त आय के बारे में भी बताएंगे। जैसे- कृषि, तोहफे, ग्रेच्युटी राशि, ईपीएफ और सेवानिवृत्ति के दौरान मिलने वाली राशि इत्यादि। 
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कृषि से आय
देश में कृषि से प्राप्त होने वाली आय पूरी तरह कर मुक्त होती है। किसानों को खेती से होने वाली आय पर किसी प्रकार को कोई प्रत्यक्ष कर नहीं चुकाना पड़ता। 

लाभांश

  • कंपनी एक्ट के अधीन लाभांश के बंटवारे की राशि कर मुक्त होती है। वह इसलिए क्योंकि कंपनी पहले ही आय पर टैक्स जमा कर चुकी होती है।
  • अगर आप किसी कंपनी में साझेदार हैं तो लाभांश के हिस्से के तौर पर मिली राशि कर मुक्त होती है।
  • हालांकि, ध्यान देने योग्य बात यह है कि कंपनी से मिलने वाली वेतन राशि पर कर में छूट नहीं मिलती है।


ईपीएफ 
ईपीएफ के मामले में भी अगर व्यक्ति लगातार पांच साल की नौकरी के बाद अगर ईपीएफ की राशि निकालता है तो वह कर मुक्त रहती है।  

पीपीएफ 
वहीं, अगर पीपीएफ राशि और पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ में निवेश की गई रकम, उस पर मिलने वाला ब्याज एवं मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर मिलने वाली राशि तीनों कर मुक्त होती हैं। 
 

ग्रेच्युटी की राशि

  • कोई व्यक्ति किसी संस्थान में लगातार पांच साल काम करने के बाद उसे ग्रेच्युटी राशि मिलती है। यह राशि कर मुक्त आय में आती है। 
  • सरकारी कर्मचारियों के लिए 20 लाख रुपये तक की ग्रैच्युटी कर मुक्त आय में शामिल होती है।  
  • वहीं, निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को महज 10 लाख रुपये तक की ग्रैच्युटी राशि कर मुक्त आय में शामिल होती है।


स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति राशि
वहीं, सरकारी कर्मचारियों को समय पूर्व सेवानिवृत्ति लेने पर मिलने वाली राशि में पांच लाख रुपये तक की राशि कर मुक्त होती है। 

शैक्षणिक छात्रवृत्ति 
सरकार या किसी निजी संगठन से स्टडी या रिसर्च के लिए मिलने वाली स्कॉलरशिप कर मुक्त होती है। हर तरह की स्कॉलरशिप टैक्स के दायरे से बाहर होती है। 
 

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पारिवारिक रकम

  • भारत में आयकर कानून के सेक्शन-10 (2) के तहत अविभाजित हिंदू परिवार से विरासत के रूप में मिली राशि भी कर मुक्त होती है। 
  • इनमें मां-बाप से मिला पैसा, जेवर और प्रॉपर्टी आदि। 
  • पारिवारिक विरासत में मिली संपत्ति, गहने या नकद राशि टैक्स के दायरे से बाहर है। 
  • वसीयत के माध्यम से मिलने वाली जायदाद या राशि पर भी इनकम टैक्स नहीं लगता है।
  • हालांकि, करदाता को साबित करना होगा कि संबंधित रकम या संपत्ति उसे खानदानी विरासत में मिली है। 
  • वहीं, वसीयत में मिली राशि को निवेश कर की गई कमाई, संपत्ति से कमाई पर टैक्स देना होगा।

 

तोहफे 

  • आपको जो तोहफे प्राप्त होते हैं वे इनकम टैक्स के दायरे में आते हैं। 
  • इनकम टैक्स लॉ, 1961 के सेक्शन-56 (2)(x) के तहत आयकर दाता को मिले तोहफों पर टैक्स लगता है। 
  • लेकिन कुछ परिस्थितियों में तोहफों पर भी छूट मिलती है। 
  • जैसे ...  शादी के वक्त मिले तोहफो पर टैक्स नहीं देना पड़ता।
  • लेकिन ये तोहफे चल-अचल किसी भी स्वरूप में 50 हजार रुपये की कीमत से ज्यादा के न हो। 
  • तोहफे और शादी की तारीख में जयादा दिन का अंतर न हों।  

इनसे मिले बेशकीमती तोहफे भी कर मुक्त हैं ... 

  • इनमें पति या पत्नी, भाई या बहन, पति या पत्नी के भाई या बहन से मिले तोहफे।
  • माता-पिता के भाई या बहन, विरासत या वसीयत में मिली संपत्ति।
  • पति या पत्नी के किसी नजदीकी पूर्वज या वंशज से मिला हुआ तोहफा। 
  • संयुक्त हिंदू परिवार में किसी भी सदस्य की ओर से दिए गए तोहफे। 

 

संस्थाओं से मिले तोहफों पर भी छूट 

  • किसी व्यक्ति स्थानीय प्राधिकरण जैसे ग्राम पंचायत, नगर पालिका, नगरीय निकाय समितियों और जिला बोर्ड या कैंटोनमेंट बोर्ड से मिले तोहफे।
  • सेक्शन-10 (23C) में निर्दिष्ट किसी फंड / संस्था / विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल या अन्य किसी संस्थान से मिले तोहफे।
  • सेक्शन-12ए या 12एए के तहत पंजीकृत किसी चैरिटेबल ट्रस्ट या धार्मिक संस्था से मिले तोहफे भी कर मुक्त श्रेणी में आते हैं।

एनआरई सेविंग/एफडी अकाउंट का ब्याज
भारत में एनआरआई को एनआरई (नॉन रेजिडेंट एक्सटर्नल) खाते पर मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री है। एनआरई बचत खाता और एनआरई एफडी दोनों तरह के खातों पर मिलने वाला ब्याज भी कर मुक्त है।

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