खुशखबर: 14 महाविद्यालयों में अब क्षेत्रीय भाषा में होगी इंजीनियरिंग की पढ़ाई, उपराष्ट्रपति ने जाहिर की खुशी
शैक्षणिक वर्ष 2021-22 से हिंदी, तेलुगु, मराठी, बंगाली और तमिल में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों को पढ़ाया जाएगा।
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आठ राज्यों के चौदह इंजीनियरिंग कॉलेजों ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से स्नातक कार्यक्रमों में छात्रों को क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा प्रदान करने की अनुमति प्राप्त कर ली है। अब शैक्षणिक वर्ष 2021-22 से 1,000 से अधिक छात्रों को सामूहिक रूप से इंजीनियरिंग के क्षेत्रीय भाषा कार्यक्रम में प्रवेश दिया जाएगा।
ये कॉलेज और उनके द्वारा पढ़ाई जाने वाली भाषा की सूचि
प्राप्त जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के चार, राजस्थान के दो और मध्य प्रदेश व उत्तराखंड के एक-एक कॉलेज हिंदी भाषा में इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम को पढ़ाएंगे। वहीं आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के शेष कॉलेज क्रमशः तेलुगु, मराठी, बंगाली और तमिल में कार्यक्रम पेश करेंगे।
इन शाखाओं को क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाने की मिली अनुमति
बता दें कि यह अनुमति केवल चुनिंदा शाखाओं के लिए ही दी गई है। जिसमें ज्यादातर पाठ्यक्रम कंप्यूटर विज्ञान के हैं। इसके बाद इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और सूचना प्रौद्योगिकी के हैं।
उपराष्ट्रपति ने जाहिर की खुशी
उपराष्ट्रपति सचिवालय ने इस पर खुशी जताते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि मुझे आशा है कि अन्य इंजीनियरिंग कॉलेज तथा अन्य तकनीकी शिक्षा संस्थान भी जल्द ही क्षेत्रीय भाषाओं में पाठ्यक्रम शुरू करेंगे।
उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडु ने 8 राज्यों के 14 इंजीनियरिंग कॉलेजों द्वारा नए शिक्षा सत्र से कुछ चुने हुए पाठ्यक्रमों को क्षेत्रीय भाषा में भी उपलब्ध कराने का स्वागत किया है।
— Vice President of India (@VPSecretariat) July 17, 2021
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप लिया फैसला
बता दें कि यह पहला वर्ष है जब एआईसीटीई ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रावधानों के अनुरूप जहां तक संभव हो अपनी मातृभाषा में शिक्षा देने का प्रयास किया है। इंजीनियरिंग कॉलेजों को 11 क्षेत्रीय भाषाओं (हिंदी, मराठी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, गुजराती, मलयालम और बंगाली, असमिया, पंजाबी और उड़िया) में बी.टेक कार्यक्रमों की पेशकश करने की अनुमति दी है।
पिछले वर्ष हुई थी घोषणा
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने घोषणा की थी कि वह 2021-22 शैक्षणिक वर्ष से क्षेत्रीय भाषाओं में तकनीकी शिक्षा, विशेष रूप से इंजीनियरिंग पर जोर देगा। मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया था कि कुछ शीर्ष इंजीनियरिंग स्कूल जैसे IIT और NIT इसे लागू करने वाले पहले लोगों में शामिल हो सकते हैं।
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