{"_id":"5b97668d867a557ffc6be95a","slug":"in-1893-swami-vivekananda-full-speech-at-chicago","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण में थी ये खास बात, सुनिए पूरा भाषण","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण में थी ये खास बात, सुनिए पूरा भाषण
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 11 Sep 2018 12:27 PM IST
विज्ञापन
स्वामी विवेकानंद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
11 सितंबर 1893 यानि आज से लगभग 125 साल पहले का ये दिन स्वामी विवेकानंद के उस भाषण को याद करके मनाया जाता है जो उन्होंने शिकागो के धर्म संसद में बोला था। स्वामी विवेकानंद के इस भाषण ने लोगों का दिल जीत लिया था। सुनिए स्वामी विवेकानंद का ये पूरा भाषण...
विज्ञापन
भाषण की खास बातों पर नजर-
- स्वामी विवेकानंद ने अपने भाषण की शुरुआत में 'अमेरिका के मेरे भाईयों और बहनों' कहां था। ऐसा कहना ही अपने आप में एक बड़ी बात थी।
विज्ञापन
- (मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसे देश से हूं, जिसने इस धरती के सभी देशों और धर्मों के सताए लोगों को शरण में रखा है।) ये वाक्य हमारे देश को न केवल गर्व महसूस कराता है बल्कि हमारे भीतर भी देशप्रेम के प्रति सम्मान को जाग्रुक करता है।
विज्ञापन
- (मैं आपको अपने देश की प्राचीन संत परंपरा की तरफ से धन्यवाद देता हूं। मैं आपको सभी धर्मों की जननी की तरफ से भी धन्यवाद देता हूं और सभी जाति, संप्रदाय के लाखों, करोड़ों हिंदुओं की तरफ से आभार व्यक्त करता हूं। मेरा धन्यवाद कुछ उन वक्ताओं को भी जिन्होंने इस मंच से यह कहा कि दुनिया में सहनशीलता का विचार सुदूर पूरब के देशों से फैला है)
कमेंट
कमेंट X