अब IIT कराएगा मेडिकल की पढ़ाई, शुरू होने जा रहा है MBBS कोर्स
- भारत में इंजीनियरिंग के सर्वश्रेष्ठ संस्थान में शुरू होने वाली है मेडिकल की पढ़ाई
- आईआईटी शुरू करने जा रहा है एमबीबीएस कोर्स
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मेडिकल (MBBS) कोर्सेज में दाखिला चाहने वाले अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। इंजीनियरिंग के लिए भारत का सर्वश्रेष्ठ संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) अब मेडिकल की भी पढ़ाई कराने जा रहा है। इसकी शुरुआत आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) से होने जा रही है।
दरअसल, आईआईटी खड़गपुर का सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल डॉ. बीसी रॉय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट शुरू करने वाला है। इस अस्पताल के संचालन शुरू होने के बाद आईआईटी खड़गपुर एमबीबीएस कोर्सेज शुरू करेगा।
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कब से शुरू होगा कोर्स, कितनी होंगी सीटें
- आईआईटी खड़गपुर के अधिकारी के अनुसार, संस्थान में एमबीबीएस की पढ़ाई 2021 से शुरू हो जाएगी।
- यहां मेडिकल के जो भी कोर्सेज चलाए जाएंगे, उनका पाठ्यक्रम मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) के दिशानिर्देशों पर ही आधारित होगा।
- पहले चरण में आईआईटी खड़गपुर 50 सीटों के साथ कोर्स शुरू करेगा। बाद में दूसरे चरण में इसे बढ़ाकर 100 सीटों तक कर दिया जाएगा।
पीजी डिग्री भी होगी शुरू
आईआईटी खड़गपुर का कहना है कि उनकी योजना हेल्थ केयर डाटा साइंसेज और डाटा एनालिटिक्स पर जोर देना और उन्हें मुख्यधारा में लाना है। ताकि देश में मेडिकल रिसर्च को बढ़ावा मिल सके। इसके लिए आईआईटी खड़गपुर मेडिकल के क्षेत्र में पीजी डिग्री कोर्सेज शुरू करने की भी तैयारी कर रहा है।
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ऐसा होगा IIT खड़गपुर का अस्पताल
- अस्पताल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में आईआईटी खड़गपुर के वरिष्ठ शिक्षक शामिल होंगे। इसकी अध्यक्षता संस्थान के निदेशक करेंगे।
- अस्पताल को क्रॉस सब्सिटी मॉडल और नॉन प्रॉफिट मोड पर चलाया जाएगा।
- आईआईटी ने बताया है कि इस अस्पताल में 10 फीसदी बेड्स मुफ्त होंगे। जबकि 65 फीसदी बेड्स पर केंद्र और राज्य के इंश्योरेंस स्कीम के तहत शुल्क लगाया जाएगा।
- आसपड़ोस के इलाकों में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए मोबाइल हेल्थकेयर यूनिट्स की व्यवस्था रहेगी।
- इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संस्थान ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), टाटा मेडिकल सेंटर और दक्षिण पूर्वी रेलवे अस्पताल से सहयोग लिया है।
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संस्थान कॉमन रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट हब की भी व्यवस्था कर रहा है। ताकि हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी इनोवेशन को बढ़ावा मिल सके।
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