IIT Roorkee: एआई और डेटा साइंस समेत सात नए शैक्षणिक कार्यक्रमों की शुरुआत
नए दौर की प्रौद्योगिकियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए आईआईटी, रुड़की ने डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में विशेषज्ञता के साथ इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, अर्थशास्त्र और प्रबंधन के चुनिंदा क्षेत्रों में सात नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किए हैं।
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रुड़की की ओर से सोमवार, 02 अगस्त, 2021 को सात नए शैक्षणिक कार्यक्रमों की शुरुआत करने की जानकारी दी गई है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की ने नए दौर की प्रौद्योगिकियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में विशेषज्ञता के साथ इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, अर्थशास्त्र और प्रबंधन के चुनिंदा क्षेत्रों में सात नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किए हैं।
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) में सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने उम्मीद व्यक्त की कि इन कार्यक्रमों से विद्यार्थियों और कामकाजी पेशेवरों को अपने संबंधित क्षेत्रों में स्किल बढ़ाने में सहायता मिलेगी। 30 जुलाई, 2021 को एक ऑनलाइन कार्यक्रम में देश के सबसे पुराने प्रौद्योगिकी संस्थान में नए कार्यक्रमों का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा, इस तरह की नई पहल लीडर्स को फॉलोवर्स से अलग करती हैं और मैं कार्यक्रमों की रूपरेखा व इससे जुड़ी जानकारियों को सुनकर खासा खुश हूं।
हम सीमाओं को तोड़ने की राह पर : प्रो शर्मा
डीएसटी सचिव प्रो आशुतोष शर्मा ने कहा, नए कार्यक्रमों में वर्तमान में प्रासंगिक जानकारियों का प्रसार और हमारे द्वारा सहेजे गए ज्ञान का उपयोग शामिल है। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अनुरूप भी हैं। इनकी शुरुआत से पता चलता है कि हम कुछ सीमाओं को तोड़ने की राह पर हैं, जो हमने ऐतिहासिक रूप से तैयार की हैं। उन्होंने कहा, इन कार्यक्रमों में छह परास्नातक डिग्री कार्यक्रम शामिल हैं और एक पांच वर्षीय एकीकृत कार्यक्रम है, जिनकी पेशकश अगले शैक्षणिक सत्र (2021-22) से विद्यार्थियों को की जाएगी। इनका उद्देश्य ऐसे नए और उभरते हुए क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है जो आज ज्यादा प्रासंगिक बनते जा रहे हैं।
इन पाठ्यक्रमों की हुई शुरुआत
इन कार्यक्रमों में सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डेटा साइंस (सीएआईडीएस) के तहत एमटेक (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) और एमटेक (डेटा साइंस), डिजाइन विभाग के तहत एमडेस (औद्योगिक डिजाइन) और एमआईएम (मास्टर्स इन इनोवेशन मैनेजमेंट), डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के तहत उद्योग के कामकाजी पेशेवरों के लिए ऑनलाइन एमटेक (माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स एंड वीएलएसआई), डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेस के तहत एमएस अर्थशास्त्र (पांच साल का एकीकृत कार्यक्रम) और प्रस्तावित इंटरनेशनल सेंटर फॉर डैम्स (वर्तमान में हाइड्रोलॉजी डिपार्टमेंट द्वारा समन्वित) के तहत एमटेक (बांध सुरक्षा एवं पुनर्वास) शामिल हैं।
उद्यमिता कार्यक्रम की सिफारिश
वहीं, आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन बीवीआर मोहन रेड्डी ने उम्मीद जताई कि ये नए कार्यक्रम शिक्षा को ज्यादा लचीली, सुलभ और जीवन पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया का रूप देंगे और लोगों की धारणा का बदलकर रख देंगे। उन्होंने कहा, हम आत्म निर्भर भारत के लिए भी काम कर रहे हैं और इसीलिए, शिक्षा के नए दृष्टिकोण के साथ उद्यमशीलता के साथ ही नवाचार हमारे भविष्य का अभिन्न अंग है। हमारे पास ज्यादा रोजगार सृजन करने वाले कोर्स हों, यह सुनिश्चित करने के लिए मैं उद्यमिता कार्यक्रम की सिफारिश करता हूं।
कार्यक्रम हमारे देश की जरूरतों को पूरा करेंगे
वहीं, आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर अजित के. चतुर्वेदी ने विश्वास व्यक्त किया कि नए कार्यक्रमों से उच्च शिक्षा में भविष्य की प्रौद्योगिकियों की मांग पूरी होगी। उन्होंने कहा, ये सभी नए शैक्षणिक कार्यक्रम हमारे देश की जरूरतों को पूरा करते हैं। इन्हें कई स्तरों पर सावधानीपूर्वक विचार विमर्श के बाद तैयार किया गया है।
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