{"_id":"60ec56798ebc3e13547673fa","slug":"iit-madras-develops-ai-algorithm-to-spot-cancer-causing-mutations","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईआईटी मद्रास का एआई एल्गोरिद्म : कोशिकाओं में कैंसर कारक म्यूटेशन का पता लगाएगा","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
आईआईटी मद्रास का एआई एल्गोरिद्म : कोशिकाओं में कैंसर कारक म्यूटेशन का पता लगाएगा
Mon, 12 Jul 2021 08:48 PM IST
देवेश शर्मा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: देवेश शर्मा
Updated Mon, 12 Jul 2021 08:48 PM IST
सार
IIT Madras develops AI algorithm : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के शोधकर्ताओं ने कोशिकाओं में कैंसर पैदा करने वाले परिवर्तनों की पहचान करने के लिए एक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस-आधारित गणितीय मॉडल विकसित किया है।
विज्ञापन
IIT Madras
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के शोधकर्ताओं ने कोशिकाओं में कैंसर पैदा करने वाले परिवर्तनों की पहचान करने के लिए एक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस-आधारित गणितीय मॉडल विकसित किया है। यह एल्गोरिथ्म कैंसर की प्रगति के लिए जिम्मेदार आनुवंशिक परिवर्तनों को दर्शाने के लिए डीएनए संरचनाओं का अध्ययन करता है, जो कैंसर पैदा करने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
विज्ञापन
अभी तक इस तकनीक पर ज्यादा काम नहीं हुआ है। इन परिवर्तनों के अंतर्निहित तंत्र को समझने के बाद विशेषज्ञों चिकित्सकों को रोगी के लिए कैंसर उपचार के सटीक रणनीति चुनने में मदद मिलेगी। यह दावा एक इंटरनेशनल कैंसर जर्नल में प्रकाशित लेख में किया गया है। आईआईटी मद्रास के रॉबर्ट बॉश सेंटर फॉर डेटा साइंस एंड एआई (आरबीसीडीएसएआई) के प्रमुख प्रोफेसर बी रवींद्रन ने एक बयान में कहा कि कैंसर शोधकर्ताओं द्वारा अनुभव की जाने वाली प्रमुख चुनौतियों में से एक ड्राइवर म्यूटेशन है, जिसकी अपेक्षाकृत कम संख्या और ऐसे पैसेंजर म्यूटेशन की बड़ी संख्या के बीच अंतर शामिल है, जिसका कैंसर को बढ़ाने की दिशा में कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
विज्ञापन
इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने इस समस्या को एक अलग नजरिए से देखने का फैसला किया। मुख्य लक्ष्य डीएनए अनुक्रमों में पैटर्न की खोज करना था। अंतर्निहित परिकल्पना यह थी कि ये पैटर्न अलग-अलग प्रकार के म्यूटेशन - ड्राइवर और पैसेंजर के लिए अद्वितीय होंगे, और इसलिए दो वर्गों के बीच अंतर करने के लिए गणितीय रूप से मॉडलिंग की जा सकती है।
विज्ञापन
आसान एआई तकनीकों का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने एक न्यू प्रिडिक्शन एल्गोरिथ्म, NBDriver विकसित की और कई ओपन-सोर्स कैंसर म्यूटेशन डेटासेट पर इसके प्रदर्शन का परीक्षण किया। प्रोफेसर बी रवींद्रन ने बताया कि हमारा मॉडल 89 प्रतिशत की सटीकता के साथ अच्छी तरह से अध्ययन किए गए ड्राइवरों और कैंसर जीन से पैसेंजर म्यूटेशन के बीच अंतर कर सकता है। इसके अलावा, NBDriver और तीन अन्य आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले ड्राइवर भविष्यवाणी एल्गोरिद्म के पूर्वानुमानों के संयोजन से 95 प्रतिशत की सटीकता प्राप्त हुई, जो मौजूदा मॉडलों से काफी बेहतर प्रदर्शन कर रही थी।
इसके अलावा, आईआईटी मद्रास के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर कार्तिक रमन ने बताया कि NBDriver ग्लियोब्लास्टोमा मल्टीफॉर्म (Glioblastoma Multiforme (GBM)), मस्तिष्क या रीढ़ को प्रभावित करने वाले विशेष रूप से आक्रामक प्रकार के कैंसर से पीड़ित रोगियों में से 85 प्रतिशत दुर्लभ ड्राइवर म्यूटेशन की सटीक पहचान कर सकता है।
कमेंट
कमेंट X