फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   If you want to do MBBS from abroad then know the complete budget planning here-safalta

विदेश से करना है MBBS तो यहां जानें पूरी बजट प्लानिंग

Fri, 11 Oct 2024 03:09 PM IST
Pushpendra Mishra Media Solution Initiative
Media Solution Initiative Published by: Pushpendra Mishra Updated Fri, 11 Oct 2024 03:09 PM IST
सार

हर वर्ष तकरीबन 20 हजार एमबीबीएस सीटें विदेशी यूनिवर्सिटीज में भारतीय मेडिकल स्टूडेंट्स द्वारा भरी जाती हैं। भारत में सरकारी सीट न मिलने पर, निजी कॉलेजों की भारी फीस के कारण ये युवा टॉप रैंक्ड विदेशी यूनिवर्सिटीज में दाखिले के लिए जाते हैं।

विज्ञापन
If you want to do MBBS from abroad then know the complete budget planning here-safalta
MBBS Abroad Budget Planing - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

नीट अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों में जागरूकता की कमी के कारण, ऐसे लाखों छात्र होते हैं जो 500 या उससे कम नीट स्कोर आने के बाद भी काउंसिलिंग के अंतिम राउंड तक सीट मिलने का इंतजार करते हैं। वहीं जिनके पास 40 लाख रुपये तक का बजट है वह भारत में मेडिकल काउंसिलिंग खत्म होने का इंतजार किए बगैर विदेशी यूनिवर्सिटी में अपनी एमबीबीएस सीट बुक कर लेते हैं। क्योंकि अगर आप किसी विदेशी यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के लिए आवेदन करोगे तो पूरी दाखिला प्रक्रिया में तकरीबन 2-3 हफ्ते का वक्त लग जाता है। अधिकतर विदेशी यूनिवर्सिटीज में क्लासेज हर वर्ष 1 अक्टूबर- से 15 अक्टूबर के बीच शुरू होती हैं। इसलिए आपको बिना बिलंब किये एक बेहतर विदेशी यूनिवर्सिटी चुनकर एमबीबीएस सीट के लिए आवेदन कर देना चाहिए।

विज्ञापन

 

अपने बजट पर कैसे करें विदेशी यूनिवर्सिटी का चुनाव

विदेश की हरेक यूनिवर्सिटी विभिन्न बजट के आधार पर अपने मेडिकल कोर्सेज को ऑफर करती है। बजट में क्या क्या आपको जोड़ना है वो हम आपको बता देते हैं।

विज्ञापन
  • ट्यूशन फीस - 5 साल के लिए
  • एक साल बाद पर वापसी के लिए टिकट
  • वहां रहने का खर्च
  • भोजन का खर्च
  • कपड़े या अन्य जरूरी एसेसरीज का खर्च

अगर हम रूस, कजाकिस्तान, चीन, जॉर्जिया, इजिप्ट, नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों में एमबीबीएस की बात करें तो उनका बजट 25 से 50 लाख के बीच में रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन


बजट के अनुसार सारणी 




अब इन देशों के अंदर बनी विभिन्न यूनिवर्सिटीज में तकरीबन 16,000 मेडिकल सीट्स हैं। हर यूनिवर्सिटी की ट्यूशन फीस दूसरी से अलग हो सकती है। साथ ही छात्रों से एक अनुरोध ये है कि वो फिलीपींस और कैरेबियाई यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के लिए एनएमसी के दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह पढ़ लें। क्योंकि ये कार्यक्रम 54 महीने की अवधि के गैर-अनुपालन के कारण भारत में मान्य नहीं हैं। एनएमसी निर्देशानुसार आपका एमबीबीएस कम से कम 60 माह का होना चाहिए। 


आपके बजट के अनुसार यूनिवर्सिटी शॉर्टलिस्ट कैसे करें

भारतीय छात्रों के लिए सफलता मोक्ष द्वारा दिया जा रहा कॅरियर प्लानर एप इसका बेस्ट सॉल्यूशन है। यहां आप पिछले 3 सालों की कटऑफ, यूनिवर्सिटीज की ट्यूशन फीस देख सकते हैं। आप भारत की निजी यूनिवर्सिटीज और डीम्ड यूनिवर्सिटीज की फीस भी देख सकते हैं। साथ ही 20 से ज्यादा देशों के 200 से अधिक एमबीबीएस एब्रॉड विकल्प को भी देख सकते हैं। इसके अलावा आप अपने बजट, रैंक और ग्रेड के अनुसार फिल्टर कर सकते हैं जिससे आपके बजट में आने वाली यूनिवर्सिटी आपको दिख जाएंगी।

ये भी पढ़ें : NEET अभ्यर्थी निराश न हों, ये है MBBS करने का सुनहरा मौका, कम खर्च में चुनें विदेश की बेहतरीन यूनिवर्सिटीज


एडमिशन एजेंट्स को कंसल्टेंसी फीस न दें

आजकल हर शहर में विदेशी यूनिवर्सिटीज में दाखिले के लिए बैठे एजेंट्स छात्रों से बेहतर यूनिवर्सिटी के सुझाव मात्र देने के पैसे (कंसल्टेंसी फीस) के नाम पर ले लेते हैं। ऐसे सभी छात्रों को बता दें अगर आप किसी एजेंट के माध्यम से अपनी एमबीबीएस सीट विदेश में बुक कर रहे हैं तो एग्जिट एग्जाम जरूर तय करें। कि वह आपको भारत में लाइसेंसिंग के लिए NExt एग्जाम और अमेरिका में प्रैक्टिस के लिए USMLE की तैयारी कराएं। अगर वो तैयार नहीं है तो आप सफलता मोक्ष के कॅरिअर काउंसलर्स से बात करके विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज में अपना दाखिला कराएं और एग्जिट एग्जाम की तैयारी का ऑफर भी साथ पाएं।


विश्वविद्यालय की ट्यूशन फीस का भुगतान कैसे करें

विश्वविद्यालय की फीस का भुगतान सीधे विश्वविद्यालय के बैंक खाते में किया जाना चाहिए। यदि कोई प्रवेश एजेंट आपको "पैकेज" के अनुसार भारत में भुगतान करने के लिए कह रहा है, तो आप धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं। आपके सभी शुल्क फीस, छात्रावास और आगमन का शुल्क बंटा होना चाहिए। बाकी सेवाओं के लिए भुगतान उस देश में पहुंचने पर करें उससे पहले नहीं। वो भी तब जब विवि. द्वारा सुझाया गया बैंक खाता आपको मिल जाए। साथ ही परामर्शदाता से ये लिखित में ले लेना चाहिए कि उक्त शुल्क सीधे उसके खाते में भुगतान किया जाएगा। रूस में, 2 तरीके हैं जिनसे विश्वविद्यालय 2 पार्टी और 3 पार्टी अनुबंधों के तहत वार्षिक ट्यूशन फीस एकत्र करते हैं। 2 पार्टी अनुबंध के तहत, विश्वविद्यालय प्रवेश पत्र के अनुसार ट्यूशन फीस सीधे अपने खाते में एकत्र करता है। 3 पार्टी अनुबंध के तहत, विश्वविद्यालय एजेंटों से वसूलता है। ये एजेंट रूस में एमबीबीएस अध्ययन के सभी 6 वर्षों के लिए उच्च शुल्क वसूल कर छात्रों को ठगने का काम करते हैं। लिहाजा इनसे बचें। या फिर किसी भी प्रकार के धोखाधड़ी से बचने के लिए आप Safalta - MOKSH के टोल फ्री नंबर: 1800-571-0202 पर कॉल करें। 


 

पहले वर्ष का बजट 

जिन अभिभावकों के बच्चे विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए जा रहे हैं उन्हें पहले वर्ष जिन खर्चों को तैयार रखना है उनमें ट्यूशन फीस, छात्रावास खर्च, आगमन के बाद की सेवाएं, हवाई टिकट, वीजा, भारतीय भोजन पैकेज (अगर कोई हो), परामर्श शुल्क NExT और USMLE कोचिंग आदि। अगर आपका बच्चा रूस में जा रहा है तो पहले वर्ष में आपको लगभग 8 से 10 लाख रुपये की आवश्यकता होगी। जिसमें उपरोक्त लिखित सभी चीजें शामिल हैं। 
वहीं अगर बच्चा जॉर्जिया में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए जा रहा है तो पहले वर्ष में तकरीबन 10-12 लाख रुपये की जरूरत होगी। साथ ही भारतीय खाने के लिए कैंटीन का भुगतान केवल यूनिवर्सिटी पहुंचने के बाद ही करें। 


बजट के लिए ऐसे बनाएं योजना 

  • अपनी वित्तीय योजना को अच्छी तरह तैयार करें, अगर विदेश से एमबीबीएस करने जा रहे हैं तो अकादमिक सत्र शुरू होने के पहले आवेदन करें।
  • रूस और जॉर्जिया के लिए आपका आवेदन अक्तूबर में हो जाना चाहिए। नहीं तो आपको अगले वर्ष के एमबीबीएस सीट दाखिला सत्र के लिए स्थानांतरित कर दिया जाएगा। 
  • अगर आप किसी एजेंट के जरिये एमबीबीएस सीट बुक कर रहे हैं तो कभी 3 पार्टी समझौते पर हस्ताक्षर न करें। हमेशा अपने परामर्शदाता से पूछें कि क्या फीस सीधे विवि. को देनी है या सलाहकार को। फीस जमा करने से पहले विवि. का बैंक खाता ले लें। 
  • अपने सपनों की यूनिवर्सिटी में मेडिकल सीट पाने के लिए एजेंट का नहीं बल्कि पेशेवर करियर प्लानर को चुनें। छोटे एजेंट आपको लाइसेंस परीक्षा की कोचिंग नहीं देंगे। जिससे विदेश से एमबीबीएस करने के बाद जब आप वापस देश में आओगे तो प्रैक्टिस का मौका नहीं मिलेगा। और एमबीबीएस करने का सारा समय और पैसा बर्बाद हो जाएगा। 
  • विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज जल्दी सीट्स फिल कर लेती हैं। लिहाजा आवेदन करने में देरी न करें। 
  • विदेश में अपने एमबीबीएस कॅरिअर के लिए काउंसिलिंग की सहायता लेनी है तो सफलता मोक्ष के टोल फ्री नंबर पर 1800-571-0202 पर कॉल जरूर करें।  
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed