फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   If the dream of becoming a doctor in the country is unfulfilled, it will be fulfilled from abroad-safalta

डॉक्टर बनने का सपना रह गया है अधूरा, तो विदेश से करें पूरा, जानें देश से बाहर कैसे मिलेगी MBBS डिग्री

Fri, 13 Sep 2024 01:09 PM IST
Pushpendra Mishra Media Solution Initiative
Media Solution Initiative Published by: Pushpendra Mishra Updated Fri, 13 Sep 2024 01:09 PM IST
सार

कजाकिस्तान, जॉर्जिय़ा, रूस जैसे देशों में भारत से आधी फीस में करें MBBS एडमिशन, वीजा, पासपोर्ट, स्कॉलरशिप हॉस्टल - मेस आदि की व्यवस्था में सफलता मोक्ष टीम करेगी मदद, अधिक जानकारी के लिए अभी कॉल करें हमारे टोल फ्री नंबर 1800-571-0202 पर। 

विज्ञापन
If the dream of becoming a doctor in the country is unfulfilled, it will be fulfilled from abroad-safalta
Study MBBS Abroad - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

दशकों से देश में चिकित्सा एक सम्मानित पेशा रहा है। जिंदगियां बचाने वाले डॉक्टर्स को लोग भगवान तक का दर्जा दे देते हैं। इसीलिये युवाओं के बीच डॉक्टर बनने का क्रेज कभी कम नहीं हुआ। बॉयो से 12वीं पास करने वाले ज्यादातर युवा मेडिकल की किसी न किसी स्ट्रीम में काम करते हैं। जिसकी योग्यता पाने के लिए उन्हें MBBS, BDS, BAMS, BHMS, Nursing जैसे कोर्सेज करने होते हैं। अब इन कोर्सेज में दाखिले के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी हर वर्ष एक राष्ट्रीय स्तर की नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट(NEET-UG) परीक्षा कराती है। जिसमें हर वर्ष तकरीबन 23-24 लाख छात्र भाग लेते हैं। भाग लेने वाले 45% से लेकर 50% तक छात्रों को सफलता मिल जाती है। जिसके बाद शुरू होती है मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की दौड़। जिन छात्रों को सरकारी कॉलेज में एमबीबीएस की सीट नहीं मिल पाती वह निजी कॉलेजों से एमबीबीएस के लिए कोशिश करते हैं। लेकिन भारी भरकम फीस के कारण उनका देश में डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह जाता है। लेकिन हम आपके इस अधूरे सपने को पूरा कर सकते हैं वो भी भारत के मुकाबले सिर्फ एक तिहाई फीस में। आइये समझते हैं कैसे

विज्ञापन

 

भारत में सरकारी-प्राइवेट मिलाकर हैं कुल 1.9 लाख MBBS सीट

भारत में एमबीबीएस की 1 लाख 9 हजार, 28 हजार बीडीएस, 50 हजार आयुष सीट्स हैं। इसमें MCC के द्वारा MBBS इस वर्ष भारत में नीट परीक्षा में बैठे करीब 24 लाख छात्र, सफल हुए 12.5 लाख छात्र। अब हर मेडिकल क्षेत्र की कुल सीटों को देखा जाए तो वो हैं तकरीबन 3.25 लाख। बाकी 9 लाख छात्र या तो अगले वर्ष फिर से नीट परीक्षा दें और बेहतर रैंक लेकर आएं ताकि उन्हें सरकारी कॉलेज मिले। या फिर विदेश से एमबीबीएस कर डॉक्टर बनें।

विज्ञापन

 

विदेशी यूनिवर्सिटीज मौजूदा समय में पढ़ रहे 7.5 लाख भारतीय छात्र

अगर आप भी इस वर्ष देश में डॉक्टर बनने का सपना पूरा नहीं कर पा रहे हैं यानी आपकी रैंक पर आपको सरकारी कॉलेज में सीट नहीं मिल पा रही। तो आप विदेश से एमबीबीएस के विकल्प पर विचार कर सकते हैं। क्योरा की एक रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा समय में भारत के 7.5 लाख छात्र विदेशी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और पीजी कोर्सेस में इनरोल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

भारत से हर वर्ष MBBS के लिए विदेश जाते हैं 25 हजार छात्र  

क्योंकि प्रति वर्ष भारत से तकरीबन 25 हजार युवा विदेश की यूनिवर्सिटीज में एमबीबीएस कोर्स में दाखिले लेते हैं। इसका कारण हैं भारत के निजी कॉलेजों में बढ़ती मेडिकल फीस। जोकि अब 6 वर्षों के एमबीबीएस कोर्स के लिए 1 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। कई निजी कॉलेज भारत में एमबीबीएस के लिए 80 लाख से 1.2 करोड़ रुपये तक चार्ज कर रहे हैं। ऐसे में छात्र भारत के निजी कॉलेजों का चुनाव न कर विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज में दाखिला ले रहे हैं।

 

ऐसे समझें फीस का गणित

भारत में जहां छात्रों को एमबीबीएस कोर्स के लिए 80 लाख से 1.2 करोड़ रुपये तक अदा करने पड़ रहे हैं वहीं विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज में पूरे एमबीबीएस कोर्स की फीस ही 25 से 55 लाख रुपये है।

  • जैसे आप कजाकिस्तान से 20 से 25 लाख रुपये में पूरी एमबीबीएस डिग्री कम्प्लीट कर सकते हैं।
  • रूस से 35 से 40 लाख रुपये में एमबीबीएस कर सकते हैं।
  • जॉर्जिया भी युवाओं को 50 से 55 लाख में एमबीबीएस करा रहा है।
  • यानी कजाकिस्तान से लेकर जॉर्जिया तक तकरीबन 20 से अधिक देश हैं जहां भारतीय छात्र कम फीस में एमबीबीएस करने हर वर्ष जाते हैं।

 

विदेश से एमबीबीएस करने के कारण
 

1-सस्ती पढ़ाई 50 से 75% तक

2-एडमिशन मिलने में आसानी

3-भारतीय मेस, छात्रावास सुविधा

4-स्कॉलरशिप मिलने का चांस

5-NExT की फ्री तैयारी का मौका

 

आपके डॉक्टर बनने का सपना हम करेंगे पूरा

आल इंडिया कोटा और राज्य स्तरीय काउंसिलिंग में सरकारी सीट से वंचित छात्र निजी कॉलेजों में एडमिशन के लिए रुख करते हैं। लेकिन भारी भरकम फीस के कारण निराश हो जाते हैं। अगर देश में डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया है तो आपको भारत के निजी कॉलेजों में एडमिशन लेने के बजाय विदेश से एमबीबीएस का विकल्प चुनना चाहिए। मौजूदा समय में कजाकिस्तान, रूस, किर्गिस्तान, नेपाल, जॉर्जिया, चीन समेत 20 से अधिक देशों में एमबीबीएस सीट के लिए दाखिले हो रहे हैं। जहां आपको भी दाखिला मिलने की पूरी संभावना है। तो फिर देश किस बात की विदेश में MBBS में प्रवेश के लिए आप अभी Safalta - MOKSH टोल फ्री नंबर: 1800-571-0202 पर कॉल करें या फिर हमारे MBBS Abroad लिंक पर विजिट कर खुद रजिस्टर करें। एमबीबीएस एडमिशन के लिए हमारे काउंसलर आपसे जल्द ही संपर्क करेंगे। हमारे साथ है 10 हजार से ज्यादा छात्रों का भरोसा जिन्हें सफलतापूर्वक विदेशी यूनिवर्सिटी के एमबीबीएस समेत विभिन्न मेडिकल प्रोग्रामों में दाखिला दिलाया जा चुका है। क्योंकि सफलता मोक्ष सिर्फ आपको विदेश के टॉप कॉलेज की जानकारी देकर एडमिशन ही नहीं कराते, बल्कि आपके पासपोर्ट, वीजा, दाखिला, हॉस्टल-मेस, स्कॉलरशिप आदि में भी छात्रों की मदद करते हैं।  

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed