शिक्षा मंत्री का स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को सुझाव, लॉकडाउन के दौरान ई-पीजी पाठशाला प्लेटफॉर्म का उठाएं लाभ
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को ई-पीजी पाठशाला का लाभ उठाने का सुझाव दिया है। उन्होंने शुक्रवार को सभी पीजी विद्यार्थियों से कहा कि वे लॉकडाउन के दौरान उच्च-गुणवत्ता वाले सामग्री के लिए ई-पीजी पाठशाला प्लेटफॉर्म का उपयोग करें।
ई-पीजी पाठशाला प्लेटफॉर्म को शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ही लॉन्च किया है। उन्होंने कहा कि ई-पीजी पाठशाला सामाजिक विज्ञान के सभी विषयों की सामग्री प्रदान करता है। इसमें 70 विषयों में पाठ्यक्रम-आधारित, इंटरैक्टिव ई-सामग्री दी गई है। उन्होंने कहा कि छात्र ई-बुक्स और करिकुलम आधारित ई-कंटेंट का लाभ उठाने के साथ ही प्लेटफॉर्म पर अपनी ई-बुक भी हॉस्ट कर सकते हैं। ई-पीजी पाठशाला के कुछ फीचर्स में ई-अध्ययन, यूजीसी एमओओसी और ई-पाठ्य शामिल हैं।
गौरतलब है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन का दूसरा चरण चल रहा है जो कि तीन मई तक है। लॉकडाउन की वजह से देशभर के सभी कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थान बंद हैं। ऐसे में ऑनलाइ प्लेटफॉर्म के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा दी जा रही है।
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ई-अध्ययन
इस प्लेटफॉर्म पर पीजी विद्यार्थियों के लिए 700 से ज्यादा ई-किताबें हैं। सभी ई-किताबें ई-पीजी पाठशाला पाठ्यक्रमों से संबंधित हैं।
यूजीसी एमओओसी
यहां पीजी विषयों पर स्वंय प्लैटफॉर्म के लिए कोर्स मुहैया कराए जाते हैं।
ई-पाठ्य
ई-पाठ्य पर विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी अध्ययन सामग्री उपलब्ध है।
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