यूजीसी सेमेस्टर परीक्षाओं के दिशा-निर्देशों पर फिर से विचार करें: एचआरडी
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एचआरडी मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए जारी दिशा-निर्देशों पर फिर से विचार करने के लिए कहा है। कोरोना वायरस की वजह से विद्यार्थियों और शिक्षकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए जारी दिशा-निर्देशों पर फिर से विचार करने के लिए कहा गया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा, मैंने यूजीसी को मध्यवर्ती और टर्मिनल सेमेस्टर परीक्षाओं एवं शैक्षणिक कैलेंडर के लिए पहले जारी किए गए दिशानिर्देशों को फिर से जारी करने की सलाह दी है। एचआरडी मंत्री ने कहा कि संशोधित दिशा-निर्देशों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का ख्याल रखते हुए जारी करने की सलाह दी है।
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यूजीसी ने मई में अपने दिशानिर्देशों में केवल अंतिम सेमेस्टर परीक्षा आयोजित करने का सुझाव दिया था। आयोग का कहना था कि मध्यवर्ती सेमेस्टर में छात्रों को वर्तमान और पिछले सेमेस्टर के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा।
यूजीसी का कहना था कि अगर जुलाई तक कोरोना वायरस की वजह से स्थिति सामान्य नहीं होती है तो विश्वविद्यालय आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर विद्यार्थियों को पास करेंगे। 50 फीसदी नंबर विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन और 50 फीसदी नंबर पिछले सेमेस्टर में विद्यार्थियों के परफोर्मेंस के आधार पर दिए जाएंगे।
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