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HP: बंदरों और जंगली जानवरों से होगी फसलों की सुरक्षा, हिमाचल के पॉलीटेक्निक छात्रों ने बनाया IoT डिवाइस

Fri, 17 Oct 2025 07:43 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 17 Oct 2025 07:43 PM IST
सार

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज के छात्रों ने "मास सर्विलांस क्रॉप सिस्टम" नामक IoT डिवाइस बनाया है, जो खेतों में जानवरों या पक्षियों की गतिविधि होते ही गोली जैसी आवाज निकालता है और फसलों को नुकसान से बचाता है।
 

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Himachal Polytechnic Students Develop IoT Device to Protect Crops from Monkeys and Wild Animals
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में किसानों की फसलों को जंगली जानवरों और पक्षियों से बचाने के लिए सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज के छात्रों ने एक खास इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित डिवाइस विकसित किया है।

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सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग के छात्रों ने विभागाध्यक्ष पंकज ठाकुर और अन्य फैकल्टी सदस्यों के मार्गदर्शन में "मास सर्विलांस क्रॉप सिस्टम" तैयार किया है।

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ऐसे काम करता है डिवाइस

विभागाध्यक्ष पंकज ठाकुर ने बताया कि यह डिवाइस एक सेंसर की तरह काम करता है, जो खेत के पास कोई जानवर या पक्षी आते ही गोली चलने जैसी आवाज उत्पन्न करता है। इससे जंगली सूअर, बंदर और अन्य जानवर डरकर भाग जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह तकनीक किसानों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है।

परियोजना पर काम करने वाले छात्र-छात्राएं अंजलि और सचिन चौधरी ने बताया कि यह डिवाइस कम लागत वाला है, आसानी से इंस्टॉल किया जा सकता है और जब कोई हरकत (movement) महसूस होती है तो अपने आप सक्रिय हो जाता है।

उन्होंने कहा कि यह डिवाइस सीसीटीवी कैमरे की तरह लगातार रिकॉर्डिंग नहीं करता और न ही डेटा स्टोर करता है। यह केवल तभी सक्रिय होता है जब कोई जानवर या पक्षी खेत के पास आता है। यह अभिनव प्रोजेक्ट हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों में किसानों के लिए फसलों की सुरक्षा का सस्ता और प्रभावी समाधान साबित हो सकता है।

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