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स्किल्ड स्कूल के नन्हें बच्चों ने की हेलीकॉप्टर यात्रा
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Wed, 06 Dec 2017 03:20 PM IST
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स्किल्ड स्कूल ने गुरुवार को नन्हें बच्चों को एक हवाई कारनामे का एहसास दिया जब उन्होंने छोटे बच्चों को उनकी पहली हेलिकॉप्टर राइड करवायी, यह हेलिकॉप्टर की सवारी उन बच्चों को विशेष पुरस्कार के रूप में करवाई गयी, जो हिंदी पाठक प्रतियोगिता के विजेता बनें। बच्चों की यह पहली हेलिकोप्टर राइड उन्हें काफी आनंद दे रही थी, जिससे उनकी खुशी सातवें आसमान पर थी। गुरुवार सुबह जैसे-जैसे नन्हें बच्चों ने स्कूल में कदम रखा वह काफी उत्साहित दिख रहे थे, सभी बच्चे शिक्षकों से बात करके एवं सवाल पूछ कर अपनी जिज्ञासा जाहिर कर रहे थे। स्किल्ड कि नन्हीं तितलियाँ आसमान में अपनी खुशियां बिखेर रही थी।
स्किल्ड के शिक्षकों का मानना है कि बच्चों को अपना संतुलन स्वयं प्राप्त करना सीखना होगा, जिससे हमारे छोटे बच्चों को उन सभी चीज़ों की जानकारी हो और उन्हें उजागर करने का मौका मिले, साथ ही यह बेहद आवश्यक है कि काम मज़ेदार हो ताकि उन्हें सीखने में मजा आए। इस प्रकार हमे बच्चों को सही ज्ञान और कौशल सिखाने में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए। हेलीकाप्टर राइड जो कि दिन के उज्ज्वल प्रकाश में हुई, काफी दिलचसप थी क्योंकि बच्चों के चेहरे की मुस्कुराहट शिक्षकों को पूरा आश्वासन दे रही थी की वे सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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स्किल्ड के शिक्षकों का मानना है कि बच्चों को अपना संतुलन स्वयं प्राप्त करना सीखना होगा, जिससे हमारे छोटे बच्चों को उन सभी चीज़ों की जानकारी हो और उन्हें उजागर करने का मौका मिले, साथ ही यह बेहद आवश्यक है कि काम मज़ेदार हो ताकि उन्हें सीखने में मजा आए। इस प्रकार हमे बच्चों को सही ज्ञान और कौशल सिखाने में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए। हेलीकाप्टर राइड जो कि दिन के उज्ज्वल प्रकाश में हुई, काफी दिलचसप थी क्योंकि बच्चों के चेहरे की मुस्कुराहट शिक्षकों को पूरा आश्वासन दे रही थी की वे सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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सभी लोग अपनी इस हवाई यात्रा के लिए सहस्त्रधारा की ओर बढे, जहाँ वॉकवे करके हेलिपैड पर नन्हें कदमों ने शिक्षकों के साथ अपने जीवन की पहली खुशी की सवारी के लिए तैयार थे। इसके साथ ही सभी शिक्षकों ने यह सुनिश्चित किया कि नन्हे बच्चों के सीट बेल्ट अच्छी तरह से बंधे हुए है।
हेलीकाप्टर से हवाई यात्रा के दौरान बच्चों के मन के अंदर डर और उत्साह दोनों था, उनके कपड़े ठंडी हिमालयी हवा की वजह से उड़ रहे थे, हेलीकाप्टर में पायलट के रेडियो हेडसेट से अलग अलग ध्वनियाँ आ रही थी, इसके साथ ही छोटी छोटी मशीनों की आवाज़ें गूंज रही थी।
बच्चे काफी उत्सुक थे क्योंकि वह पहली बार इतनी ऊंचाई पर थे और जैसे ही धीरे धीरे हेलिकोप्टर ने मसूरी के समीपवर्ती पहाड़ों में धीमी गति से चढ़ाई शुरू कर दी। छोटे बच्चे थोड़े अशांत महसूस कर रहे थे क्योंकि ग्रेविटी के फ़ोर्स की वजह से उनके अंगों एवं मस्तिष्क में खिंचाव हो रहा था। ऊंचाई पर होने की वजह से बच्चे सिर्फ हेलीकाप्टर के पंखे का आवाज सुन पा रहे थे और अपने दिल की धक-धक की। स्किल्ड स्कूल ने अपने फेसबुक पेज पर लाइव वीडियो पोस्ट किये जिसमे बच्चे बेहद उत्साहित और मस्ती करते नजर आ रहे हैं ताकि माता-पिता अपने बच्चों के जीवन की पहली हेलिकॉप्टर सवारी मिस न करें।
हेलीकाप्टर से हवाई यात्रा के दौरान बच्चों के मन के अंदर डर और उत्साह दोनों था, उनके कपड़े ठंडी हिमालयी हवा की वजह से उड़ रहे थे, हेलीकाप्टर में पायलट के रेडियो हेडसेट से अलग अलग ध्वनियाँ आ रही थी, इसके साथ ही छोटी छोटी मशीनों की आवाज़ें गूंज रही थी।
बच्चे काफी उत्सुक थे क्योंकि वह पहली बार इतनी ऊंचाई पर थे और जैसे ही धीरे धीरे हेलिकोप्टर ने मसूरी के समीपवर्ती पहाड़ों में धीमी गति से चढ़ाई शुरू कर दी। छोटे बच्चे थोड़े अशांत महसूस कर रहे थे क्योंकि ग्रेविटी के फ़ोर्स की वजह से उनके अंगों एवं मस्तिष्क में खिंचाव हो रहा था। ऊंचाई पर होने की वजह से बच्चे सिर्फ हेलीकाप्टर के पंखे का आवाज सुन पा रहे थे और अपने दिल की धक-धक की। स्किल्ड स्कूल ने अपने फेसबुक पेज पर लाइव वीडियो पोस्ट किये जिसमे बच्चे बेहद उत्साहित और मस्ती करते नजर आ रहे हैं ताकि माता-पिता अपने बच्चों के जीवन की पहली हेलिकॉप्टर सवारी मिस न करें।
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