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नर्सिंग संस्थानों की संख्या नौ सालों में 36% तक बढ़ी, लोकसभा में स्वास्थ्य मंत्री ने दी जानकारी

Sat, 12 Aug 2023 03:31 PM IST
सौरभ पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सौरभ पांडेय Updated Sat, 12 Aug 2023 03:31 PM IST
सार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि स्नातक पाठ्यक्रमों की पेशकश करने वाले नर्सिंग संस्थानों की संख्या 2014 में 1,641 से बढ़कर इस साल मार्च तक 2,229 हो गई, जो 36 प्रतिशत की वृद्धि है।

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Health Minister said Nursing Institutions offering UG courses has increased by 36 percent in 9 years
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया - फोटो : संसद टीवी

विस्तार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने लोकसभा में बताया कि स्नातक पाठ्यक्रमों (UG Cources) को ऑफर करने वाले नर्सिंग संस्थानों की संख्या में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। साल 2014 में इन संस्थानों की संख्या 1,641 थी, जो इस साल 23 मार्च तक बढ़कर 2,229 हो गई है। मंडाविया ने एक सवाल के जवाब में कहा, इसी तरह, यूजी सीटों की संख्या भी 83,192 से बढ़कर 1,16,595 हो गई, जो इसी अवधि के दौरान 40 प्रतिशत की वृद्धि है।

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यूजी सीटों की संख्या में 40% की वृद्धि 

एक सवाल  का जवाब देते हुए मंडाविया ने बताया कि यूजी सीटों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। इस अवधि के दौरान यूजी सीटों की संख्या में भी 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जहां पहले यूजी सीटों की संख्या 83,192 थी, वहीं अब 1,16,595 हो गई है। वर्तमान में देश में  5,203 नर्सिंग संस्थान हैं, जिनमें से 715 सरकारी संस्थान हैं।

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सरकार कर रही गुणवत्ता में सुधार पर काम

मंडाविया ने बताया कि देश में 35.14 लाख पंजीकृत नर्सिंग कर्मी हैं और प्रति 1,000 जनसंख्या पर 2.06 नर्सों का अनुपात है। उन्होंने आगे बताया कि नर्सिंग कॉलेजों के वितरण में असमानता से देशभर में नर्सिंग शिक्षा की उपलब्धता और पहुंच प्रभावित होती है। इसलिए इस असमानता को दूर करने, नर्सिंग कर्मियों की संख्या बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए सरकार इस दिशा में काम कर रही है।

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कई तरह की दी जा रही छूट

मंडाविया ने बताया कि सरकार ने नर्सिंग स्कूलों या कॉलेजों और हॉस्टल के निर्माण के लिए भूमि मानदंडों में भी थोड़ी रियायत दी है। सरकार ने पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों के लिए 100 बिस्तरों के अस्पताल की आवश्यकता में छूट दी गई है। इसके अलावा, एमएससी नर्सिंग में छात्र-शिक्षक अनुपात को 1:5 से घटाकर 1:10 कर दिया गया है। नर्सिंग संस्थानों के भी लिए छात्र-रोगी अनुपात को घटाकर 1:3 कर दिया गया है, जोकि पहले 1:5 हुआ करता था।

अब शादी-शुदा लोग भी ले सकते हैं एडमिशन 

मंडाविया ने बताया कि नर्सिंग में अब शादी-शुदा लोग भी एडमिशन ले सकते हैं। मंत्री ने आगे बताया कि स्कूलों और अस्पतालों की निकटतम दूरी को भी घटाकर 15 से 30 किलोमीटर कर दिया गया है। हालांकि, पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों के लिए अधिकतम दूरी 50 किलोमीटर है। इसके अलावा, डिप्लोमा और डिग्री में एडमिशन लेने वाले छात्रों को स्कोर में 5 प्रतिशत की छूट दी गई है।सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों को भी एमएससी नर्सिंग प्रोग्राम शुरू करने के लिए छूट दी गई है।

सरकारी क्षेत्र में नर्सिंग सीटों में होगा इजाफा

मंडाविया ने बताया कि 2023-24 के बजट में जिन मेडिकल कॉलेजों को सेंट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम (CSS) के तहत नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए मंजूरी दी गई है, उनमें 157 नर्सिंग कॉलेज बनाए जाएंगे। इससे सरकारी क्षेत्र में करीब 15,000 नर्सिंग सीटें बढ़ेंगी।

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