एआई नहीं तो सर्च इंजन भी नहीं!: गूगल की नई शर्त, स्कूलों में एआई के इस्तेमाल को लेकर क्या है कंपनी की नई नीति?
गूगल ने स्कूलों में एआई टूल्स के इस्तेमाल को लेकर अपनी नीति बदलने का फैसला किया है। अब स्कूल प्रशासन की अनुमति के बिना छात्र Gemini और Google Search जैसे टूल इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। एआई टूल्स से इनकार करने वाले स्कूलों के छात्रों को सर्च इंजन की सुविधा भी नहीं मिलेगी।
विस्तार
गूगल ने मंगलवार को घोषणा की कि स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को कंपनी के सर्च इंजन का इस्तेमाल करने के लिए भी स्कूल प्रशासन की मंजूरी लेनी होगी। कंपनी के मुताबिक, यदि कोई स्कूल अपने छात्रों के लिए एआई टूल्स को चालू करने की अनुमति नहीं देता है, तो उन छात्रों को Google Search की सुविधा भी नहीं मिलेगी।
यह बदलाव K-12 यानी स्कूल स्तर की शिक्षा से जुड़े स्टूडेंट अकाउंट्स पर लागू होगा। अब Gemini, Gemini Notebook, Gemini in Classroom और Google Search जैसे उत्पाद छात्रों के खातों के लिए डिफॉल्ट रूप से बंद रहेंगे। स्कूल प्रशासन अपनी स्पष्ट मंजूरी देने के बाद ही इन्हें चालू कर सकेगा।
स्कूलों के पास रहेगा एआई टूल्स चालू या बंद करने का अधिकार
कंपनी के मुताबिक, स्कूल प्रशासन की स्पष्ट अनुमति मिलने तक K-12 यानी स्कूल स्तर के छात्रों के खातों में ये उत्पाद पूरी तरह बंद रहेंगे। इस व्यवस्था में चार प्रमुख उत्पाद शामिल हैं:
- Gemini
- Gemini Notebook
- Gemini in Classroom
- Google Search
अब स्कूल प्रशासन अपनी जरूरत और नीति के अनुसार इन सेवाओं को चालू करने का फैसला कर सकेगा। कंपनी ने कहा है कि वह बदलाव लागू करने से पहले आने वाले महीनों में स्कूलों को विस्तृत जानकारी देगी, ताकि उन्हें तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
गूगल ने एआई टूल्स को लेकर क्यों बदली नीति?
गूगल के शिक्षा विभाग के उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक क्रिस फिलिप्स ने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि कंपनी ने स्कूलों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं की राय सुनने के बाद अपनी नीति में बदलाव किया है।
उन्होंने कहा, "स्कूलों, शिक्षकों, प्रमुख शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं की बात सुनने के बाद हम Gemini, Gemini Notebook, Gemini in Classroom और Google Search के नियंत्रण से जुड़ा अपना तरीका बदल रहे हैं।"
फिलिप्स के मुताबिक, स्कूल स्तर के छात्र खातों के लिए इन उत्पादों की सुविधा पूरी तरह बंद रहेगी। स्कूल प्रशासन की स्पष्ट अनुमति मिलने के बाद ही इन्हें चालू किया जा सकेगा। कंपनी ने कहा है कि आने वाले महीनों में स्कूलों को इस बदलाव से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी जाएगी। गूगल का उद्देश्य स्कूल प्रमुखों को यह नियंत्रण देना है कि वे अपनी जरूरत के अनुसार कक्षाओं में एआई टूल्स का इस्तेमाल तय कर सकें।
एआई बंद करने पर Google Search भी क्यों नहीं चलेगा?
गूगल के इस फैसले को लेकर सबसे अहम सवाल यह है कि एआई टूल्स बंद करने पर छात्रों को सर्च इंजन की सुविधा क्यों नहीं मिलेगी? एक प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में फिलिप्स ने कहा कि Google Search अब एआई से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सर्च और एआई एक-दूसरे के साथ गहराई से एकीकृत हैं। इसका मतलब है कि यदि कोई स्कूल अपने यहां एआई के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाता है, तो छात्रों को Google Search की सुविधा भी नहीं मिलेगी। ऐसे छात्रों को सर्च करने पर स्कूल की ओर से एक संदेश दिखाई देगा, जिसमें बताया जाएगा कि यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
स्कूलों में एआई के इस्तेमाल को लेकर क्यों हो रहा है विरोध?
गूगल को स्कूलों में अपनी तकनीक और एआई टूल्स के इस्तेमाल को लेकर शिक्षकों, बाल विकास विशेषज्ञों और अभिभावकों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, यह विरोध अगस्त में उस समय और बढ़ गया था, जब गूगल ने Google Classroom इस्तेमाल करने वाले कई स्कूलों के छात्रों के लिए Gemini चैटबॉट की सुविधा चालू करने की घोषणा की थी।
शिक्षा से जुड़े कई लोगों का मानना है कि कम उम्र के छात्रों के बीच एआई टूल्स का इस्तेमाल उनकी पढ़ाई और सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
स्कूलों को एआई इस्तेमाल करने का मिलेगा विकल्प
गूगल का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत स्कूल प्रशासन को अपने छात्रों के लिए एआई टूल्स चालू या बंद रखने का अधिकार मिलेगा। कंपनी आने वाले महीनों में इस बदलाव से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी साझा करेगी।
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