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नई दिल्ली: स्कूली छात्रा की पहल से बदली बस्ती की तस्वीर, 10 हजार से अधिक लोगों तक पहुंचा स्वच्छ पानी
Wed, 02 Sep 2026 10:19 AM IST
शाहीन परवीन
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: शाहीन परवीन
Updated Wed, 02 Sep 2026 10:19 AM IST
सार
नई दिल्ली की एक बस्ती में पानी की समस्या दूर करने की दिशा में एक स्कूली छात्रा की पहल ने बड़ा बदलाव किया है। उसकी कोशिशों से 10 हजार से अधिक लोगों तक स्वच्छ पानी पहुंच रहा है।
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स्कूली छात्रा देविका राज बत्रा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी दिल्ली की कुसुमपुर पहाड़ी बस्ती में एक स्कूली छात्रा की इंजीनियरिंग परियोजना अब हजारों लोगों के लिए स्वच्छ पानी का स्रोत बन गई है। प्रोजेक्ट अमृत की संस्थापक देविका राज बत्रा ने यहां एक विशेष यूवी-सी एलईडी आधारित जल शुद्धिकरण इकाई स्थापित की है, जिससे 700 से अधिक घरों और 10 हजार से ज्यादा लोगों को साफ पानी मिल रहा है।
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इस पहल को कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों का समर्थन भी मिला है। इनमें लोकसभा सांसद जगदंबिका पाल, लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज, दिल्ली सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और दिल्ली नगर निगम के पार्षद कृष्ण जाखड़ शामिल हैं।
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पानी को स्टोर करते समय गंदा होने से बचाता है सिस्टम
देविका ने एक खास यूवी-सी एलईडी आधारित पानी साफ करने वाला उपकरण तैयार किया है, जिसे पानी रखने वाली टंकियों और कंटेनरों में लगाया जाता है। यह उपकरण पानी में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं और बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है। कुसुमपुर पहाड़ी जैसे इलाकों में लोगों को अक्सर टैंकरों से पानी मिलता है। ऐसे में पानी को जमा करके रखने के दौरान उसके दूषित होने का खतरा बढ़ जाता है। यह तकनीक उसी समय पानी को साफ रखने का काम करती है, जब लोग उसे अपने घरों में स्टोर करते हैं और इस्तेमाल करते हैं।
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300 से अधिक स्वास्थ्य सुधार दर्ज
प्रोजेक्ट अमृत के अनुसार, इस पहल के शुरू होने के बाद उपयोगकर्ताओं के बीच 300 से अधिक स्वास्थ्य सुधार दर्ज किए गए हैं। ये आंकड़े क्षेत्र में की गई निगरानी और रिकॉर्ड के आधार पर तैयार किए गए हैं। इस परियोजना की खास बात यह है कि इसे समुदाय की भागीदारी से संचालित किया जा रहा है, जिससे यह केवल एक बार की स्थापना न रहकर लगातार चलने वाली सेवा बन गई है।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
देविका के इस कार्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। उन्हें ब्रिटिश साइंस एसोसिएशन की ओर से गोल्ड CREST अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान परियोजना की माइक्रोबायोलॉजिकल जांच और फील्ड वैलिडेशन के आधार पर दिया गया। इसके अलावा प्रोजेक्ट अमृत को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए भी नामित किया जा चुका है।इस पहल को कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों का समर्थन भी मिला है। इनमें लोकसभा सांसद जगदंबिका पाल, लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज, दिल्ली सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और दिल्ली नगर निगम के पार्षद कृष्ण जाखड़ शामिल हैं।
अमन गुप्ता ने किया 7 लाख रुपये का निवेश
इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए उद्यमी अमन गुप्ता ने 7 लाख रुपये का एंजेल निवेश किया है। इस निवेश से परियोजना को शुरुआती प्रोटोटाइप से बड़े स्तर पर लागू करने में मदद मिली है।देविका की इस पहल पर Measured in Blue नामक एक लघु डॉक्यूमेंट्री भी बनाई गई है। यह डॉक्यूमेंट्री अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में प्रदर्शित की जा चुकी है, जिससे इस परियोजना को वैश्विक पहचान मिली है।
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