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NEET UG 2026: नीट यूजी रद्द होने के बाद NTA को बदलने की मांग, FAIMA ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

Wed, 13 May 2026 10:56 AM IST
Shahin Praveen एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Shahin Praveen Updated Wed, 13 May 2026 10:56 AM IST
सार

NEET UG 2026: नीट यूजी 2026 को रद्द किए जाने के बाद FAIMA ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें एनटीए को बदलने या पुनर्गठित करने और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की गई है।

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FAIMA Moves Supreme Court Over NEET UG 2026 “Systemic Failure” Allegations
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

NEET UG 2026: फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि NTA द्वारा नीट यूजी 2026 के आयोजन में “व्यवस्थित विफलता” हुई है। याचिका में मांग की गई है कि NTA को बदला जाए या उसका पूरी तरह से पुनर्गठन किया जाए। साथ ही, NEET-UG 2026 की नई परीक्षा न्यायिक निगरानी में कराई जाए।

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याचिका में यह मांग की गई है कि वह केंद्र सरकार को एनईटी परीक्षा आयोजित करने के लिए एनटीए को एक " अधिक मजबूत, तकनीकी रूप से उन्नत और स्वायत्त निकाय" से बदलने का निर्देश दे।

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यह याचिका एनटीए द्वारा 3 मई को आयोजित एनईटी-यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द करने और केंद्र द्वारा जांच सीबीआई को सौंपने के कुछ दिनों बाद दायर की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर जो "अनुमानित प्रश्नपत्र" घूम रहे थे, उनमें असली परीक्षा के 100 से ज्यादा प्रश्नों से मेल पाया गया था।

याचिका में यह भी मांग की गई है कि एक रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय निगरानी समिति बनाई जाए। इस समिति में एक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और एक फोरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल हों, ताकि जब तक नया परीक्षा निकाय न बन जाए, तब तक NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा की निगरानी सही तरीके से हो सके।
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याचिका में पुनः परीक्षा और CBT मोड की मांग

याचिका में यह मांग की गई है कि जब तक प्रस्तावित नया परीक्षा निकाय (NEIC) या कोर्ट द्वारा बनाई गई अंतरिम निगरानी समिति नई परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा की जांच और पुष्टि नहीं कर देती, तब तक NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा एक उच्च स्तरीय न्यायिक समिति की निगरानी में कराई जाए।

इसके अलावा, इसमें यह भी कहा गया है कि प्रश्न पत्रों को डिजिटल तरीके से सुरक्षित किया जाए और पेपर लीक जैसी समस्याओं को रोकने के लिए परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में बदला जाए।

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CBI को 4 हफ्तों में स्टेटस रिपोर्ट देने का निर्देश मांग

FAIMA ने मांग की है कि CBI को निर्देश दिया जाए कि वह NEET-UG 2026 पेपर लीक की जांच पर 4 हफ्तों के अंदर सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दे। इस रिपोर्ट में पूरे नेटवर्क की जानकारी, गिरफ्तारियां, आरोपियों के नाम और जांच की प्रगति शामिल होनी चाहिए।

इसके अलावा, याचिका में यह भी कहा गया है कि जैसे ही NEET-UG 2026 के केंद्रवार (center-wise) नतीजे उपलब्ध हों, उन्हें सार्वजनिक किया जाए ताकि किसी भी गड़बड़ी या अनियमितता का पारदर्शी तरीके से पता लगाया जा सके।

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