वित्त मंत्री की अपील : विकास के लक्ष्यों को ध्यान में रख कराएं पढ़ाई, छात्रों को उद्योगों के लिए बनाएं सक्षम
IIITDM Kancheepuram 10th Convocation: सीतारमण शनिवार को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग यानी आईआईआईटीडीएम कांचीपुरम (IIITDM, Kancheepuram), चेन्नई के 10वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं।
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IIITDM Kancheepuram 10th Convocation: केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि शिक्षण संस्थानों में देश के विकास के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई करवाई जानी चाहिए, ताकि छात्रों को उद्योग जगत के लिए सक्षम बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि भारत में यह समझने की जरूरत है कि उद्योगों को क्या चाहिए और शैक्षणिक संस्थानों को देश के विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उद्योग जगत में आने में सक्षम छात्रों को तैयार करने की जरूरत है।
ग्लोबल यूनिवर्सिटी की तुलना में भारत की उच्च शिक्षा कम नहीं
सीतारमण शनिवार को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग यानी आईआईआईटीडीएम कांचीपुरम (IIITDM, Kancheepuram), चेन्नई के 10वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं। केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि ग्लोबल यूनिवर्सिटी की तुलना में भारत की उच्च शिक्षा कम या कमजोर नहीं है और दुनियाभर की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों के प्रबंधन के मामले में भारतीय विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले लोग दूसरे सबसे बड़े दावेदार हैं।
इंडस्ट्री की जरूरतों को समझने और छात्रों को ढालने की जरूरत
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी, डिजाइन और विनिर्माण संस्थान, कांचीपुरम के बोर्ड में सेंट-गोबेन इंडिया के प्रतिनिधित्व का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि यदि इंडस्ट्री लीडर्स रिसर्च इंस्टीट्यूशंस के बोर्ड में आ गए हैं, तो वे इंडस्ट्री की जरूरतों को समझते हैं और शिक्षण संस्थानों में छात्रों को उद्योगों के अनुरूप तैयार करने का काम बखूबी कर सकते हैं। ताकि विशेष रूप से भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी भारत कुछ महत्वपूर्ण चीजों के निर्माण के लिए भूमि बन जाए, जिसके लिए आज हम पूरी तरह से दूसरे देशों पर निर्भर हैं। क्योंकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान आने से ही प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा नुकसान होता है।
उद्योग जगत के अनुभवी नेतृत्वकर्ताओं का लाभ लें शिक्षण संस्थान
केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने कहा कि अब हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि उद्योग को क्या चाहिए और हम दुनिया के लिए निर्माण करने में सक्षम हो सके। यही कारण है कि उद्योग जगत के अनुभवी नेतृत्वकर्ता शैक्षणिक संस्थानों के बोर्ड में शामिल हों और प्रतिभाओं को निखारने, सर्वोत्तम कौशल युक्त बनाने की क्षमता में बढ़ोतरी को प्रोत्साहन करें। वित्त मंत्री ने कहा कि हमें ऐसे छात्रों को तैयार करने की आवश्यकता है जो उद्योग में आने और जो भारत के विकास लक्ष्यों की पूर्ति करने में सक्षम हों। इसके लिए दोनों के स्तर पर बेहतर तालमेल बनाने के प्रयास किए जाएं।
सिलिकॉन वैली में 25 फीसदी स्टार्टअप भारतीय मूल के लोगों के हाथों में
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में 100 से अधिक यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। इनका कुल मूल्य 250 अरब डॉलर है। ये यूनिकॉर्न पिछले कुछ सालों में 63 अरब डॉलर से अधिक राशि जुटाने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा, अमेरिका की सिलिकॉन वैली में 25 फीसदी स्टार्टअप की कमान भारतीय मूल के लोगों के हाथों में ही है। देश के लिए बेहद गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि यह भारत की उच्च शिक्षा ही है, जिसने कंपनियों को सर्वश्रेष्ठ अधिकारी दिए। वैश्विक स्तर पर 58 शीर्ष कंपनियों के सीईओ भारतीय मूल के हैं और उनकी शिक्षा-दीक्षा भारत में हुई है। इनमें से 11 ऐसी कंपनियां हैं जो बहुराष्ट्रीय हैं और उनका कुल राजस्व एक ट्रिलियन से अधिक व टर्नओवर चार ट्रिलियन है।
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